मंदसौर। केन्द्र सरकार की रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के अंतर्गत लगाए गए स्मार्ट मीटर बेहतर कार्य कर रहे हैं। जहां-जहां स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं, वहां समय पर बिलिंग एवं रीडिंग की प्रक्रिया सुचारू रूप से हो रही है।
अब तक 10 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापित-
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यक्षेत्र के जिलों में अब तक 10 लाख 86 हजार 171 स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। कंपनी ने बताया कि स्मार्ट मीटरों के माध्यम से उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं, सटीक बिलिंग एवं ऊर्जा दक्षता में सुधार मिल रहा है।
रियल टाइम डेटा से सटीक बिलिंग सुनिश्चित-
स्मार्ट मीटरों से रियल टाइम डेटा प्राप्त किया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को सटीक एवं समय पर बिलिंग सुनिश्चित हो रही है। जहां-जहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, वहां बिलिंग एवं रीडिंग निर्धारित समय पर की जा रही है।
नए टैरिफ के तहत 20 प्रतिशत छूट का लाभ-
कंपनी ने बताया कि नए टैरिफ आदेश के अनुसार स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को दिन के समय खपत के आधार पर 20 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है।
रीडिंग में गड़बड़ी की संभावना समाप्त-
स्मार्ट मीटरों के माध्यम से उपभोक्ताओं को वास्तविक समय में ऊर्जा खपत की सटीक एवं अद्यतन जानकारी मिल रही है। रीडिंग में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने नहीं आई है। इसके अलावा अब उपभोक्ताओं के परिसर में जाकर रीडिंग लेने की आवश्यकता भी नहीं है, क्योंकि निर्धारित तिथि पर ऑटोमेटिक रीडिंग कर उपभोक्ताओं के पंजीकृत मोबाइल पर बिल जारी किया जा रहा है।
उपभोक्ता स्वयं कर सकेंगे खपत की निगरानी-
स्मार्ट मीटर के माध्यम से उपभोक्ता स्वयं भी अपनी ऊर्जा खपत की निगरानी कर सकते हैं। हर 15 मिनट में डेटा अपडेट हो रहा है, जिससे यह समझने में आसानी हो रही है कि किस समय कितनी ऊर्जा की खपत हुई। इससे बिजली खपत को नियंत्रित करने में भी सहायता मिल रही है।