विदिशा। समाज के विभिन्न वर्गों में आत्मीयता बढ़ाने के लिए शासन द्वारा पूरे प्रदेश में स्नेह यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में विदिशा जिले के सभी विकासखंडों के ग्रामों में स्नेह यात्रा पहुंची है। शनिवार को जिला मुख्यालय पर पहुंचने से पहले विदिशा विकासखंड में कागपुर ग्राम से स्नेह यात्रा का प्रारंभ होकर दस ग्राम क्रमशः गढला, हिनौतिया, देवखजूरी, कोठीचारकलां सह भोज एवं सत्संग इसके बाद चितौरिया, नामाखेडी, इमलिया, सुनपुरा, रंगई ग्राम ही रात्रि सह भोज एवं सत्संग से स्नेह यात्रा का विदिशा जिले में समापन हुआ है।
स्नेह यात्रा का स्वागत स्थानीय ग्रामीणजनों के साथ-साथ मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की नवांकुर संस्था ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति द्वारा किया गया तथा शोभायात्रा निकालकर ग्रामीणों को समरसता का संदेश दिया। यात्रा के दौरान प्रवचन देते हुए चैन्नई की स्वामिनी सत्याव्रतानंदा सरस्वती जी ने कहा कि समरसता, स्नेह और संस्कारों से भारत वर्ष जाना जाता है। इसे हम सब बनाए रखें और आने वाली पीढ़ी को विरासत में देकर जाएं
चहुंओर स्वागत सत्कार-
स्नेह यात्रा का जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह स्वागत, विभिन्न आयामों से किया गया है। जिसमें मुख्य रूप से अतिथि देवो भव की संस्कृति परिलक्षित हुई है। राह में कलश लिए देवियां, रंगोली, वंदनवार ढ़पला बजा कर अभिनंदन किया गया है।
सहभोज व सत्संग में समरसता एकजुट प्रदर्शित हुई-
साध्वी सत्याव्रतानंदा सरस्वती जी ने अध्यात्म और धार्मिकता को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत देश अनेकानेक संस्कृति का जन्म दाता है पर सब का एक ही मार्ग मानवतावादी दृष्टिकोण है। हमें इसी सहजता को बचाना है, जिससे हमारी आने वाली को इस आधुनिक युग में भी विरासत में दे सकें। कार्यक्रम में जिला समन्वयक पूजा बंधैया के अलावा ब्लाक समन्वयक नवांकुर संस्था, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति सहित ग्रामीणों ने भाग लिया।