नीमच। प्रदेश के कई जिलों में इस वर्ष मानसून की बैरूखी देखी जा रही है। नीमच जिले में भी इस वर्ष चालू वर्षा काल में अब तक महज 20.9 इंच ही बारिश रिकॉर्ड की गई है। पिछले 10 दिनों से जिले में बारिश का दौर भी थमा हुआ है। बारिश की खेंच ने किसानों की चिंता को बढ़ा दिया है। किसानों का कहना है कि यदि आगामी कुछ दिन और वर्षा नहीं हुई तो फसलों को नुकसान पहुंचने लगेगा।
सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि अभी प्रदेश में सिस्टम एक्टिव नहीं है। इससे प्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क है। कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो रही है। पाकिस्तान और राजस्थान के ऊपर एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव है। इस कारण मध्यप्रदेश के पश्चिम-उत्तर हिस्से में हवा तेज चल रही है। इनसे लगे हिस्सों में भी असर है। प्रदेश में 1 व 2 सितंबर को फिर मानसून एक्टिव होगा। मानसून के सक्रिय होते ही जबलपुर और शहडोल संभाग के जिलों में बारिश होगी। इसके बाद अन्य जिलों में भी बरसात का दौर शुरू होगा। फिलहाल प्रदेशभर में कहीं बूंदाबांदी तो कहीं तेज गर्मी पड़ रही है।
आगामी 24 घंटे में यहां होगी बारिश-
मौसम विभाग के अनुसार आज प्रदेश के भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर संभाग में कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। वहीं राजस्थान से लगे नीमच, मंदसौर व रतलाम में दिनभर धूप-छांव वाला मौसम रहेगा। प्रदेश के बाकी जिलों में मौसम खुला रहेगा।