इंदौर। गीता भवन में विगत 10 अगस्त से सवा लाख पंचमुखी रुद्राक्ष से निर्मित 13 फीट ऊंचे शिवलिंग एवं द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन, अर्चन, पूजन-अभिषेक का दौर चल रहा है। रविवार को इस महोत्सव का समापन दिवस होने से भक्तों का सैलाब बना रहा। इसके चलते ओंकारद्विज संस्कृत विद्यालय के वेदपाठी बटुकों, अग्रवाल समाज के विभिन्न संगठनों एवं प्रकाश नगर स्थित लेडी हेलन केलर अंधशाला के सौ दृष्टिहीन बच्चों ने गीता भवन पहुंचे। उन्होंने वृंदावन के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी भास्करानंद एवं साध्वी कृष्णानंद के सान्निध्य में पूजा-अर्चना की और रुद्राभिषेक में भी भाग लिया। पिछले 18 दिनों में यहां सवा लाख से अधिक भक्तों ने इस शिवलिंग के पूजन-अर्चन का पुण्य लाभ उठाया और प्रसाद के रूप में पंचमुखी रुद्राक्ष प्राप्त किए। शहर के प्रमुख धर्मस्थलों के 36 ब्राह्मणों ने भी यहां आकर महामृत्युंजय महामंत्र का पाठ किया।
उल्लेखनीय है कि श्रावण एवं पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में गोयल पारमार्थिक ट्रस्ट, बालाजी सेवार्थ विनोद अग्रवाल फाउंडेशन एवं गीता भवन ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में यह अनुष्ठान किया गया। गोयल पारमार्थिक ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रेमचंद गोयल, बालाजी सेवार्थ विनोद अग्रवाल फाउंडेशन के चेयरमैन विनोद अग्रवाल एवं गीता भवन ट्रस्ट के अध्यक्ष राम ऐरन के सहयोग से प्रदेश में दूसरी बार गीता भवन में इस शिवलिंग एवं द्वादश ज्योतिर्लिंग की स्थापना की गई थी। श्रावण एवं पुरुषोत्तम मास के दौरान प्रतिदिन औसतन 7 से 8 हजार भक्तों ने इस अनुष्ठान का पुण्य लाभ उठाया।
संयोजक किशोर गोयल, श्याम अग्रवाल एवं राजेश बंसल ने बताया कि गुजरात से आए उत्सव चेरिटेबल ट्रस्ट वापी के प्रमुख पं. विजय भाई शास्त्री और उनके सहयोगी पांच विद्वान आचार्यों ने वेदपाठी बटुकों एवं अंधशाला के बच्चों से रुद्राभिषेक कराया। इस दौरान अग्रवाल समाज की ओर से गणेश गोयल, संतोष गोयल, गोविंद सिंघल एवं संजय बांकड़ा सहित विभिन्न अग्रवाल संगठनों के पदाधिकारियों ने भी शिवलिंग की पूजा-अर्चना कर रुद्राभिषेक में भाग लिया।
वृंदावन के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी भास्करानंद महाराज, साध्वी कृष्णानंद के सान्निध्य में समाजसेवी बालकृष्ण छाबछरिया, टीकमचंद गर्ग, विष्णु बिंदल आदि ने यहां आने वाले सभी भक्तों को प्रसाद के रूप में पंचमुखी रूद्राक्ष भेंट किए। अंधशाला के बच्चों के लिए गोयल पारमार्थिक ट्रस्ट की ओर से एक कलर प्रिंटर की भेंट भी दी गई।