नीमच। कनावटी स्थित नीमच के जिला कारागृह में आज सोमवार को गीत-संगीत की महफिल सजी। जेल की चार दीवारी में तूफान म्यूजिकल ग्रुप द्वारा पेश की गई मधुर संगीत की स्वर लहरियों से जेल खाने का नजारा बड़ा ही दिलकश हो गया। कैदियों का जमकर मनोरंजन हुआ। सावन के अंतिम सोमवार को आयोजित इस कार्यक्रम का महिला और पुरुष कैदियों ने खूब लुत्फ उठाया। जमकर तालियां बजाई। बोझिल वातावरण में रहने वाले कैदियों का दिल उमंग से झूम उठा।
इस मौके पर कवि मिजाज जेल अधीक्षक प्रभात कुमार ने कहा कि आज का दिन नीमच जेल के इतिहास में अमर रहेगा। संगीत एक साधना है। गायक कलाकार बाबू तूफान, मोहम्मद इश्तियाक उर्फ विशाल सागर, राजेंद्र भंवरेला और विद्या जैन द्वारा गीतों की बेहतरीन प्रस्तुतियां दी। मेरा कर्मा तू मेरा धर्मा तू, जीवन का हर सपना सुंदर लगता है, चौदहवीं का चांद हो या आफताब हो, यह शाम मस्तानी, जीना यहां मरना यहां, तौबा ये मतवाली चाल, सत्यम शिवम सुंदरम ऐसे अनेक दिल को छू जाने वाले गाने गायक कलाकारों ने प्रस्तुत किए। फिर क्या बात थी, जेल अधीक्षक साहब और कैदी भी पीछे कहां रहने वाले थे। उन्होंने भी गीत गाए।
श्रोता के रूप में मौजूद समाजसेवियों, पुलिस अधिकारियों और कैदियों ने तूफान ग्रुप के कलाकारों द्वारा गाए गए तरानों का भरपूर मजा लिया। इस मौके पर मौजूद वरिष्ठ समाजसेवी मनोहर सिंह लोढ़ा, बाबूलाल गौड़, पारस जैन कोलकाता वाले, पारस नागोरी अनिल जैन, मिर्जा इशरत बेग ने कैदियों को संबोधित करते हुए सद्कार्यों और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य को निभाने के लिए प्रेरित किया। कुल मिलाकर आज का म्यूजिकल प्रोग्राम कैदियों को अभिभूत कर गया।