नीमच। छावनी मुक्तिधाम नीमच सिटी रोड पर बीते कई वर्षों से अव्यवस्था बनी हुई है जिससे यहां आएदिन आमजन परेशान हो रहे हैं। जिम्मेदारों की घोर अनदेखी एवं रात्रि में चौकीदार की व्यवस्था न होने के चलते असामाजिक तत्वों का आना जाना लगा रहता है। साफ-सफाई, सुरक्षा और आमजन से जुडी परेशानियों को उजागर करने पर उल्टा अवैध कब्जे का आरोप लगाकर समिति पदाधिकारी अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर रहे हैं।
उक्त आषय के आरोप मुक्तिधाम छावनी मंदिर व्यवस्थापक रणजीत जैन ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में लगाए। ज्ञापन में बताया कि मैं पिछले 12 साल से शिवमंदिर की पूजा-पाठ अर्चना, साफ-सफाई करता आ रहा हूं। मंदिर में कई बार चोरी हो चुकी है, जिसकी समय समय पर मेरे द्वारा पुलिस थाना नीमच केन्ट में शिकायत की है। चोर मंदिर में लगी पीतल की घण्टी, पूजा-पाठ का सामान इत्यादि चुरा ले जाते हैं। असामाजिक तत्वों का आना जाना लगा रहता है। गंजेडी, शराबी एवं सट्टा खेलने वाले बेखौफ होकर परिसर में अवैध कार्य कर रहे हैं। साथ ही अज्ञात व्यक्तियों ने मुक्तिधाम के पीछे शहाबुद्दीन बाबा रोड की तरफ बाउण्ड्रीवाल तोडकर आमरास्ता बना लिया है। इसलिए मंदिर में सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर पर ताला लगाना आवश्यक है। मुक्तिधाम छावनी में व्याप्त अव्यवस्थाओं को सुधारने के बजाए समिति के कतिपय पदाधिकारी उल्टा मुक्तिधाम छावनी शिव मंदिर व्यवस्थापक रणजीत जैन पर अवैध कब्जे का झूठा आरोप लगा रहे हैं।
ज्ञापन में जैन ने बताया कि शहर के प्रमुख मुक्तिधाम में रसीद काटने की कोई व्यवस्था नहीं है और न ही रसीद कटवाने के लिए किसी व्यक्ति का नाम, पता या मोबाईल नम्बर ही अंकित है। ऐसे में अन्तिम संस्कार की रसीद कटवाने के लिए परिजनों को इधर-उधर भटकना पडता है। शमशान में मृतक के परिवार की महिलाएं नहाने के लिए आती हैं तो उनके नहाने की कोई उचित व्यवस्था आज तक नहीं है। महिलाओं को खुले में नहाने के लिए मजबूर होना पडता है। असामाजिक तत्वों के जमावडे के कारण भी महिलाओं को नहाने में परेशानियों का सामना करना पडता है। शीत ऋतु में नहाने के लिए गर्म पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। पिछले 8-10 सालों से वैकुण्ठधाम प्रबंधन समिति नीमच के चुनाव नहीं हुए हैं।
जैन ने ज्ञापन में बताया कि अन्तिम संस्कार में शामिल परिजनों और अन्य लोगों के बैठने के लिए विधायक निधि से श्रद्धांजलि हॉल निर्मित है, किन्तु साफ सफाई एवं रख-रखाव के अभाव में वह अनुपयोगी साबित हो रहा है। ऐसे में लोगों को मजबूरन इधर उधर या गार्डन में बैठना पडता है। सम्पूर्ण परिसर में गाजर घास और गंदगी का साम्राज्य फैला हुआ है। वैकुण्ठधाम समिति के पदाधिकारियों की अनदेखी के चलते ष्मषान के मुख्य द्वार के आसपास अस्थायी अतिक्रमण हो रहा है, जिसे रोकने वाला कोई नहीं। अन्तिम संस्कार के दौरान आए लोगों के बीच झोली घुमाकर रूपए एकत्र किए जाते हैं, जो कि बंद होना चाहिए। झोली में एकत्र किए रूपयों का हिसाब-किताब भी संदेहास्पद है। रात्रि में भी शमशान का मुख्य द्वार बंद नही ंकिया जाता है, जिससे असामाजिक तत्वों का बेखौफ आना जाना लगा रहता है। शमशान में दिन और रात में किसी चौकीदार की नियुक्ति नहीं की गई है और जो है वह सिर्फ नाम का चौकीदार है। साफ-सफाई और पेयजल की कोई उचित व्यवस्था नहीं है।
जैन ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि शीघ्र ही वैकुण्ठधाम प्रबंधन समिति के चुनाव करवाए जाएं और वैकुण्ठधाम की आय का प्रबंध प्रशासन के हाथों में होना चाहिए, जिससे उसके दुरूपयोग पर अंकुश लग सके। सम्पूर्ण शमशान परिसर में सुरक्षा की दृष्टि से कैमरे लगाए जाने चाहिए। शमशान में रजिस्टर्ड चौकीदार और सफाईकर्मी की नियुक्ति होना चाहिए।