नीमच। शहर में पेयजल वितरण के प्रमुख स्त्रोत जाजू सागर बांध में वर्तमान में अल्प वर्षा के चलते मात्र 11 फिट पानी शेष रहने से आगामी समय में पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाये रखने पर विचार विमर्श के साथ ही जल संरक्षण को लेकर सोमवार 28 अगस्त को नगरपालिका कार्यालय स्थित नपाध्यक्ष कक्ष में नपाध्यक्ष स्वाति गौरव चौपड़ा की अध्यक्षता में जलकल सभापति छाया जायसवाल द्वारा नगरपालिका के जलकल अधिकारियों, कर्मचारियों व शहर में जल वितरण करने वाली बीटीएल कम्पनी के कर्मचारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आहूत की गई।
बैठक में आगामी समय में पर्याप्त वर्षा न होने पर संभावित जल संकट की स्थिति से निपटने विचार विमर्श करने के साथ ही पानी का अपव्यय रोकने पर भी चर्चा की गई। बैठक में नपाध्यक्ष चौपड़ा ने कहा कि वर्तमान में क्षेत्र में औसत वर्षा से काफी कम वर्षा हुई है, जिससे जाजू सागर बांध में मात्र 11 फिट पानी शेष है। जिससे आगामी समय में जलसंकट की संभावना से इंनकार नहीं किया जा सकता। इस स्थिति से निपटने के लिए शीघ्र ही जाजू सागर बांध के डूब क्षेत्र में होने वाली अवैध खेती के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी। साथ ही शिवाजी सागर से वर्तमान में जो 20 प्रतिशत पानी हमें जल वितरण हेतु मिल रहा है उसे बढ़ाने के संबंध में संबंधित विभाग को पत्र लिखा जावेगा। जलकल सभापति छाया जायसवाल ने जल वितरण व्यवस्था में लगे कर्मचारियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे नल कनेक्शनों की सूची तैयार करें, जिन्होंने नल में टोटी नहीं लगा रखी है और जहां भी टोटी नहीं होने पर पानी व्यर्थ बहता दिखाई दे तो बगैर टोटी वाले नल कनेक्शनधारियों को नल में टोटी लगाने हेतु समझाईश दें।
जायसवाल ने बीटीएल कम्पनी के कर्मचारियों को जल वितरण पश्चात् अपने शहर में भ्रमण कर कहीं भी लिकेज पाये जाने व वॉल्व खराब होने पर तत्काल रिपेयरिंग करवाने के निर्देश दिये। बैठक में शहर के शासकीय व निजी अन्य जल स्त्रोतों की सूची तैयार करने के निर्देश भी नपा कर्मचारियों को दिये गये ताकि विषम परिस्थिति में उनका उपयोग कर शहर की जल व्यवस्था को सुचारू बनाया जा सके।
बैठक में चौपड़ा ने शहर में बंद पड़े हेंडपम्प व ट्यूबवेलों को भी दुरूस्त कर उपयोगी बनाये जाने के निर्देश दिये। बैठक में जलकल प्रभारी उपयंत्री ओपी परमार, जलकल विभाग के सुरेश पंवार, नाथुलाल नागर के साथ ही नगरपालिका व बीटीएल कम्पनी के वाल्वमेन तथा अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।