नीमच। जिले में पिछले दो सप्ताह से बारिश नहीं हुई है। मानसून की बैरूखी से फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। यहीं स्थिति एमपी के अन्य जिलों की भी है। नीमच जिले में चालू वर्षा काल में अब तक महज 20.9 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। बारिश की खेंच ने किसानों की चिंता को बढ़ा दिया है। उनका का कहना है कि आगामी कुछ दिन और बरसात नहीं हुई तो फसलों को ज्यादा नुकसान पहुंचेगा।
आईएमडी भोपाल के सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि प्रदेश में अभी कोई भी मानसून सिस्टम सक्रिय नहीं है। मानसून की बैरूखी से प्रदेश के कई जिलों में तापमान में भी लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना हुआ है। हालांकि कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हो रही है। आगामी 1 व 2 सितंबर को जबलपुर-शहडोल संभाग में माानसून फिर से एक्टिव होगा। मानसून के सक्रिय होने से कहीं-कहीं तेज बारिश होने की संभावना है। आपकों बता दें कि सीजन में दूसरी बार मानसून पर ब्रेक लगा है। इससे पहले 5 से 17 अगस्त तक मानसून ब्रेक रहा था।
आगामी 24 घंटे में यहां होगी बूंदाबांदी-
प्रदेश में आगामी 24 घंटे में कहीं कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में मौसम साफ रहेगा। इन जिलों में कहीं-कहीं बादल छाए रहेंगे। वहीं मालवा के रतलाम, मंदसौर व नीमच जिले में भी दिनभर धूप-छांव वाला मौसम रहेगा। इन जिलों में आगामी 3 सितंबर से मानसून के एक्टिव होने की संभावना बन रही है।