सरवानिया महाराज। आज जरूरत है जात पात से उपर उठकर अपनी संस्कृति और धर्म की रक्षा की। भाई बहन की रक्षा का सुत्र बांधने का रक्षाबंधन का पर्व मुल रुप में ब्राह्मणों का त्योहार है। यह बात सदर बाजार स्थित महावीर भवन में साध्वी मुक्ता श्रीजी म.सा ने कही। म.सा ने फरमाया की भाई बहन का ये पवित्र त्योहार हमें हमारी संस्कृति धर्म और माताओं बहनों की रक्षा करने का संदेश देता है। पंरतु आज हम केसी रक्षा कर रहे हैं आज हमारा समाज कहा पहुंच गया है कहा गई हमारी संस्कृति। इस दौरान म.सा उर्मी श्रीजी ने कहा कि आज हमारी पवित्रता संदेह के घेरे में है। हमारी बहनों माताओं के साथ कैसे कैसे वाकये हो रहे हैं। कई बार तो हमारी बहनों माताओं को अपने लोगों से भी खतरा उत्पन्न हो जाता है। म.सा ने कहा कि आज हम पाश्चात्य संस्कृति में जिने लगे हैं हमारे बच्चों का पहनावा कैसा है । हमारे कपड़ें दिन प्रतिदिन छोटे होते जा रहे हैं हमारी सोच इतनी विकृत हो गई है कि हम धार्मिक स्थलों मंदिरों पुजा घरों तथा प्रवचन सुनने भी अब छोटे छोटे कपड़ों में जाने लगें है। माता पिता का ये नैतिक दायित्व है कि वे अपने बच्चों को गरीमा वालें कपड़ें पहनाऐ। इस दौरान म.सा महिमा श्रीजी ने कहा कि आज बहन को लेने भाई आया है , बहन के संकट में भाई और भाई के संकट में बहन काम आये। म.सा ने भाई बहन के प्रेम का एक वाकया सुनाकर सभी को भाव विभोर कर दिया।
गौरतलब है कि सरवानिया महाराज के जैन स्थानक महावीर भवन पर आचार्य 1008 श्री विजयराज जी म.सा की आज्ञानुवर्तिनी साध्वियां परम तपस्वी श्री मुक्ता श्रीजी म.सा , उर्मी श्रीजी म.सा तथा महिमा श्रीजी म.सा आदि ठाणा तीन विराजमान हैं। जिनकी निश्रा मे तप तपस्या तथा महामंत्र के जाप किए जा रहे है।
भाई बहनों ने किये एकसाथ जाप-
रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर आज प्रातः 9 बजे से 9.30 बजे तक भाई बहनों के जोड़ौ ने नवकार मंत्र के जप किये। जप करनेवाले को प्रभावना स्वरूप पुरस्कार प्रदान किए गए। इस दौरान बड़ीसंख्या मे धर्मालुजनों ने व्याख्यान तथा जप आयोजन में भाग लिया।