डेस्क। विधानसभा चुनाव की रणभेरी बज गईं हैं। निर्वाचन आयोग ने नामांकन से लगाकर परिणाम तक की तारीखों का ऐलान कर दिया है। आचार संहिता लागू होते ही बीजेपी एक्शन मोड में आई और एक साथ तीन राज्यों के विधानसभा उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी। मध्यप्रदेश में 57 नामों के साथ भाजपा ने चौथी लिस्ट जारी की है। वहीं कांग्रेस की अभी तक एक भी सूची जारी नहीं हुई हैं।
गौरतलब है कि कांग्रेस एमपी में कर्नाटक फॉर्मूले के साथ चुनाव लड़ने की तैयारी में थी। साथ ही कांग्रेस के शीर्ष नेताओं का बार बार बयान आता था कि छः महीने पहले उम्मीदवारों की सूची जारी हो जाएगी। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखे तो कांग्रेस हर एंगल में भाजपा से पिछड़ते हुए दिख रही हैं।
मध्यप्रदेश सहित 5 राज्यों में मतदान की तारीखों का ऐलान हो चुका है। 2018 के मुकाबले में इस बार चुनाव ज्यादा जल्दबाजी में होंगे। आयोग ने चुनाव की घोषणा और मतदान के बीच गैप कम किया, जिससे पांचों राज्यों में पिछले चुनाव के मुकाबले प्रचार के दिन घट गए हैं। मध्य प्रदेश में पार्टियों को 2018 के मुकाबले प्रचार के लिए 15 दिन कम मिलेंगे। लेकिन इस परिस्थिति में प्रदेश में भाजपा बाजी मारती हुई दिखाई दे रही हैं, क्योंकि भाजपा ने प्रदेश में उम्मीदवारों की चौथी लिस्ट जारी करते हुए 136 कैंडिडेट्स मैदान में उतार दिए हैं।
बीजेपी के घोषित 136 उम्मीदवार अब मैदान में आ गए हैं और अपना प्रचार भी शुरू कर दिया हैं। जितना भी समय प्रचार के लिए मिला हैं उसका फायदा बीजेपी के घोषित उम्मीदवार उठा रहे हैं। लेकिन कांग्रेस की प्रदेश में अभी तक कोई सूची जारी नहीं हुई है जिसके कारण कांग्रेस प्रचार में पिछड़ती जा रही हैं। कांग्रेस के कार्यकर्ता से लगाकर दावेदार भी पसोपेश में हैं कि आखिर लिस्ट कब आएगी और मतदाताओं के बिच कब पहुंचेगे।