जबलपुर। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त सामान्य प्रेक्षकों एवं व्यय प्रेक्षकों ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में निर्वाचन कार्यों के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों की बैठक ली। निर्वाचन आयोग के पुलिस प्रेक्षक भी बैठक में मौजूद थे। इस अवसर पर विधानसभा चुनाव की अभी तक की तैयारियों तथा आदर्श आचार संहिता, सम्पत्ति विरूपण अधिनियम एवं निर्वाचन नियमों के उल्लंघन के प्रकरणों में की गई कार्यवाही की जानकारी दी गई।
बैठक में प्रेक्षकों को मतदान दलों के प्रशिक्षण कार्यक्रम से भी अवगत कराया गया। एसएसटी, एफएसटी, व्हीएसटी एवं व्हीव्हीटी का गठन और तैनाती की जानकारी भी उन्हें बैठक में दी गई। ईव्हीएम एवं व्हीव्हीपेट मशीनों का प्रशिक्षण, कम्युनिकेशन प्लान, राजनैतिक दलों एवं उम्मीदवारों को दी जाने वाली अनुमतियों के लिए सिंगल विंडो प्रणाली, दिव्यांग मतदाताओं को सुगम मतदान हेतु मतदान केंद्रों पर दी जाने वाली सुविधाओं, मतदान दलों का परिवहन, मतदान के दिन की जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था, मतदान सामग्री का वितरण एव वापसी, चुनाव के दौरान प्राप्त शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था, चुनाव में इस्तेमाल किये जा रहे विभिन्न सॉफ्टवेयर एवं एप्लिकेशन, वल्नरेबल एवं क्रिटिकल बूथ, चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को पोस्टल बेलट की व्यवस्था स्वीप कार्यक्रम के तहत मतदाताओं को जागरूक करने आयोजित की गई गतिविधियों आदि के बारे में भी प्रेक्षकों को विस्तार से बताया गया । जिले में नवाचार के तौर पर बनाये जा रहे इको फैंडली मतदान केन्द्रों के बारे में भी जानकारी दी गई।
बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन एवं पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह भी मौजूद थे। प्रारम्भ में सभी नोडल अधिकारियों ने प्रेक्षकों को अपना परिचय दिया। इस अवसर पर चुनावी प्रक्रिया के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने के उद्देश्य से की गई प्रतिबंधात्मक कार्यवाही के बारे में भी बताया गया। बैठक में बताया गया कि कानून व्यवस्था की दृष्टि से तथा निर्वाचन व्यय की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है । मतदान के दिन सुरक्षाबलों की तैनाती के बारे में कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने विस्तार से जानकारी दी ।