ग्वालियर। सर्दी के मौसम में आमजन की दिनचर्या, पहनवा के साथ खान-पान में बदलाव आ जाता है। इसके साथ ही हर साल मंदिरों में भगवान के कपड़े, भोग और आरती का समय भी बदल जाता है। सर्दी बढ़ने के साथ शहर के मंदिर में भी भगवान को ऊनी कपड़े पहनाए जा रहे हैं। कार्तिक पूर्णिमा के साथ ही मंदिरों के खुलने के समय के साथ भगवान का भोग भी बदल गया है। इसकी शुरूआत मंगलवार से हो गई। मंदिर खुलने के समय में पहले से करीब 1 घंटे का अंतर आ गया है।
मंदिर पुजारियों का कहना है कि सर्दी बढ़ने पर कंबल और रजाई भी ओढ़ाई जाएगी, इसके साथ ही हीटर का इंतजाम भी किया जाएगा। उल्लेखनीय है इस बार ज्यादा सर्दी पड़ने की बात मौसम विज्ञानियों द्वारा कही गई है, इस लिहाज से हीटर लगाने की बात भी कही जा रही है।