नीमच। ज्ञानोदय महाविद्यालय ने विज्ञान संकाय के बीएससी बायोटेक्नोलॉजी, एमएससी बायोटेक्नोलॉजी, एमएससी केमेस्ट्री, बीएससी सीड टेक्नोलॉजी के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों को इंदौर बायोटेक इनपुट्स एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड इंदौर में एक दिवस का शैक्षणिक भ्रमण ज्ञानोदय की निर्देशिका डॉ माधुरी चौरसिया तथा ग्रुप डायरेक्टर डॉ प्रशांत शर्मा के निर्देशन में करवाया।
इस अवसर पर इंदौर बायोटेक कंपनी के डॉ सुप्रिया रत्नपारेखे (आर एंड डी लैब के प्रमुख) ने सर्वप्रथम सभी विद्यार्थियों का स्वागत किया। विद्यार्थियों को बायोटेक कंपनी ही की शाखा रंगवासा इंस्टिट्यूट में ले जाया गया। इसके संस्थापक डीके ने जैविक कृषि, जैव उर्वरक बनाने और भारतीय कृषि से संबंधित अपने बहुमूल्य ज्ञान और अनुभव को छात्रों के साथ साझा किया। इसी श्रृंखला में डॉ सुप्रिया रत्नापारेखे ने फसलों के लिए जैव उर्वरक, जैव कीटनाशक और जैविक खाद के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सभी विद्यार्थियों को दी। इसके बाद विद्यार्थियों को छात्र अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (इनोकुलम कक्ष, ऊष्मायन कक्ष, सडन रोकने वाला कक्ष आदि) और किणवन प्रकिया का दौरा सभी विद्यार्थियों को करवाया। संस्था की वैज्ञानिक अदिति ने जैव उर्वरकों के निर्माण से लेकर पैकेजिंग तक के हर चरण के बारे में बताया। इस अवसर पर विभागध्यक्ष डॉ चंचल पांचाल ने बताया कि हमारे चयनित बायोटेक्नोलॉजी के विद्यार्थी 2016 से इंदौर बायोटेक प्राइवेट कंपनी में अपना शोध प्रबंध कार्य कर रहे हैं। इस शैक्षणिक भ्रमण में 41 विद्यार्थियों ने भाग लिया तथा इंदौर बायोटेक कंपनी द्वारा सभी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र दिए गए।
संस्था के प्राचार्य डॉ सुरेंद्र शक्तावत ने सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए यह संदेश दिया कि उचित शिक्षा के साथ रोजगार देना हमारी पहली प्राथमिकता है। शैक्षणिक भ्रमण में प्रो कपिल पाटीदार, प्रो चिंकी जैन, प्रो पवन पाटीदार, प्रो प्राची शर्मा आदि का सराहनीय योगदान रहा। उक्त जानकारी प्रो अनुप चौधरी ने दी।