खरगोन। आदिवासी समाज के उल्लास और उमंग महापर्व भगोरिया हाट की शुरूआत सोमवार से हो गयी है। पहला भगोरिया हाट बिस्टान में लगा, जहां आदिवासी समाज के युवा, महिला, पुरुष और बुजूर्गों ने भगोरिया हाट का आनंद लिया। भगोरिया हाट की विशेषता यह रही कि सामान्य दिनों के मुकाबले त्योहारिया हाट में कई गुना ज्यादा भीड़ दिखी, ढोल.मांदल की थाप पर लोग समूह में आए। मांदल की थाप पर थिरकने के साथ ही खूब खरीदारी भी हुई। हाट के दौरान तरह- तरह के नजारे देखने को मिली। इन सबके बीच आधुनिकता के दौर में भी लोकसंस्कृति की झलक बरकरार रही। यहां ढोल मांदल के साथ कोई पारंपरिक तो कोई आधुनिक वेशभूषा में शामिल हुआ। इस हाट में सज.धजकर पुरुष, महिला व बच्चे बड़ी संख्या में आएं, जिससे व्यापारियो के चेहरे भी खिले नजर आए। लोगों ने जलेबी, भजिये, समोसे के साथ ही कुल्फी, बर्फ गोले का भी आनंद लिया। महिलाओं ने सौंदर्य प्रशासन के साथ ही घरेलू उपयोग की सामग्री खरीदने के साथ झूलों का भी आनंद लिया।