रूनीजा। गजनीखेड़ी के प्राचीन चामुंडा मंदिर परिसर में शीतला सप्तमी के अवसर पर चूल का आयोजन किया गया। मां चामुंडा के दर्शन कर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। वर्षों से चली आ रही परंपरा अनुसार मां चामुंडा मंदिर परिसर में नौ फीट लंबी एवं दो फीट चौड़ी व दो फीट गहरी चूल (खाई) में भक्त मां चामुंडा का जयकारा लगाते हुए हाथ में जल कलश लेकर नंगे पैर धधकते अंगारों पर चले।