नीमच। शहर के समीप गांव हिंगोरिया, बिजलवास, बामनिया, अडमलिया, कानाखेड़ा, जल मंडी और अन्य गांवों के निवासियों ने आज वर्षों पुराने भेरु बावजी के स्थान पर आने जाने में अवरोध उत्पन्न करने के मामले में विरोध जताते हुए एक ज्ञापन कलेक्टर के नाम दिया।
ज्ञापन में कहा गया है कि करीब 100 वर्ष पुराना भेरु बावजी का देवस्थान हिंगोरिया के सर्वे नंबर 333 में स्थित है। उक्त स्थान पर जाल और रेलिंग भी लगी हुई थी। यहां पर भाग्यवती पति मुरलीधर और उनके परिवार द्वारा आने जाने के रास्ते का विरुद्ध कर दिया गया है। भाग्यवती और उसके परिजन द्वारा देवस्थान के चारों तरफ फुट के पत्थरों से बाउंड्री वॉल बनाई जा रही है और पूजा अर्चना के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। रास्ते में गुंडे किस्म के लोगों को बिठा दिया गया है। भूमि स्वामी द्वारा अराजक तत्वों से मिलकर भेरूबावजी के स्थान को तोड़ने और उखाड़ फेंकने का प्रयास भी किया जा रहा है। ज्ञापन में मांग की गई है कि वर्षों पुराने भेरूबावजी के स्थान को सुरक्षित कर भक्तों के लिए पूजा अर्चना के अधिकार को दिलवाया जाए और राजस्व रिकॉर्ड में देवस्थान को दर्ज किया जाए। ज्ञापन देते समय बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।