कुकडेश्वर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गरीबों को पक्का घर बनाकर दे रहे है। उसी क्रम में मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार भी प्रधानमंत्री आवास योजना में ग्रामीणों को पक्का घर बनाने हेतु अनुदान दे रही हैं। वहीं नीमच जिले की तहसील नीमच की ग्राम पंचायत कानाखेड़ा में सरपंच और सचिव ने एक गरीब आदिवासी महिला इंदराबाई भील जो की पिछले 20 वर्ष से ग्राम कानाखेड़ा में निवास कर रहे थे का मकान तोड़ दिया गया। यह एक जानकारी में आदिवासी समाज की गरीब महिला इंदिरा बाई ने हमारे पत्रकार राजू पटेल को बताया।
उक्त गरीब आदिवासी महिला मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण कर रही है उसके छोटे-छोटे बच्चे और उनके साथ में उसके पति पिछले 20 वर्षों से ग्राम कानाखेड़ा में निवास कर रही है।
भील समाज की महिला इंदरा बाई ने यह भी बताया कि ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव एवं उनके सहयोग में ग्राम वासियों के द्वारा मेरी झोपड़ी तोड़कर मेरे साथ मारपीट की गई एवं धमकी दी गई अगर वह यह गांव नहीं छोड़ेगी तो उसको जान से खत्म कर देंगे। महिला नीमच थाना सिटी केंट थाना पहुंची। न्याय के लिए वहां पर नीमच थाना प्रभारी के द्वारा मेरी रिपोर्ट नहीं लिखी गई एवं दो घंटे तक थाने पर बिठाया रखा और बताया गया कि आपका राजी नामा हो गया। मेरी रिपोर्ट ही नहीं लिखी और राजी नामा किसलिए करवाया गया।
राजू पटेल को इंदिरा बाई के द्वारा यह भी बताया गया कि हमारी रिपोर्ट नहीं लिखते हुए हमारे ऊपर बर्बरता पूर्वक व्यवहार किया गया। हमारी कोई कार्रवाई नहीं की गई। हम कलेक्टर कार्यालय भी गए वहां आवेदन दिया लेकिन सरपंच और सचिव के खिलाफ कोई कार्रवाई नही हुई। दिनांक 21 मई को फिर दोबारा कलेक्टर को आदिवासी महिलाओं के द्वारा अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन दिया गया। उक्त मांग में श्मशान घाट मांगलिक भवन आवास मूलभूत सुविधाओं की मांग की गई। उक्त ज्ञापन देने आई महिलाओं के द्वारा बताया गया कि कलेक्टर की व्यस्तता के कारण आवक जावक खिड़की पर ज्ञापन दिया गया।