सरवानिया महाराज। डग डग रोटी पग पग नीर की मालवा की धरती से अब धीरे-धीरे पानी के साथ लोगों की गो वंश के प्रति पावन और देवीय शक्ति की सोच भी सुखने लगी है। डग डग रोटी वाली धरती पर अब गायों को रोकने पश्चिमी सभ्यता खुद खाऊ उजाड़ू पद्धति ने गो माता के मालवा से पवित्र रिश्ते नाते को तार तार कर कंटीले तारों की जाल से गुंथ दिया। कहां पानी और कहां रोटी चारा घास।
कहा जाता है कि तीन खण्ड के स्वामी भगवान श्री कृष्ण स्वयं गो माता की सेवा में नंगे पैर जंगल जंगल घुमा करते थे। आज उस गोपाल की गाय को लोगों ने दुध दुवारी कर उससे लाभ लेकर छोड़ दिया। देवीय शक्ति कोटि-कोटि देवताओं के वास वाली गाय अब लावारिस हालत में घुमने को मजबुर है।
चुंकि प्रसंग गो वंश से जुड़ा है तो उसके लिए अच्छा सोचने वालें लोगों का तथा दुसरे पहुले का जिक्र भी अनिवार्य है। बताते हैं गौ रक्षा दल टीम सरवानिया महाराज को तीन किलोमीटर दूर स्थित ग्राम आमली भाट में एक गाय के सिर में सिंग के पास गंभीर रोग की सूचना मिली। सुचना को प्राथमिकता देते हुए तत्काल गौ रक्षा दल जावद तहसील अध्यक्ष रूपलाल पाटीदार अपनी मय टीम के ग्राम माली भाट पहुंचे और पीड़ित गो वंश को लेकर सरवानिया महाराज आ गये।
गो वंश के लिए नहीं है एक पग भूमि, तो रुपलाल ने खुद के प्लाट में किया उपचार शुरू-
आये दिन घटना दुर्घटना या बिमारी से पीड़ित गो वंश की सेवा व रखने के लिए इस शहर में गो वंश के लिए एक पग भूमि नहीं है। आये दिन गो सेवको को पीड़ित और प्रताड़ित गो वंश की सेवा के लिए इधर-उधर स्थान के लिए घूमना पड़ता है। बावजूद इसके जगह नहीं मिली रही है। लेकिन इस सब को दरकिनार कर गो रक्षा दल अध्यक्ष ने अपनी गो वंश के प्रति जवाबदेही समझते हुए खुद के प्लाट में ही गो वंश के उपचार हेतु गौ उपचार केन्द्र शुरू कर दिया। उपचार के बाद बीमार गौ वंश को नजदीकी गौ शाला में शिफ्ट कर दिया जाएगा। प्रादेशिक मीडिया प्रभारी विक्रम सिंह सोनगरा ने जानकारी देते हुए बताया कि पशु चिकित्सकों द्वारा ग्राम आमलीभाट से लाई गई गाय के सिंग में कैंसर की शिकायत पर सरवानिया महाराज की टीम ने सतर्कता पुर्वक अपने निजी वाहन से गाय को निजी प्लाट पर लाकर उपचार किया गया। केंद्र पर पीने के लिए पानी की खेर टंकी और कूलर की व्यवस्था की गई। इसके बाद 1962 MVU जावद स्टॉफ डॉ सुशील यादव सहायक, पियूष पाटीदार, गो सैवक नरेश कुमार माली के द्वारा लगभग तीन घंटे तक गौ माता के सिंग के कैंसर का ऑपरेशन किया गया।
जिसकी यशगाथा धार्मिक उसके लिए जमीन का आवंटन नहीं-
गोरक्षा दल के सदस्यों ने सभी शहर वासियों से अनुरोध किया कि सरवानिया महाराज नगर परिषद द्वारा एक जमीन का भाग गौवंश उपचार केंद्र के लिए आवंटित किया जाये। गो वंश को रखने और उपचार शाला के लिए गो रक्षा दल लंबे समय से जमीन की मांग करता आ रहा है मगर स्थायी और व्यवस्थित रूप से स्थान नहीं मिलने के कारण आयें दिन गो सेवको को इस जमीनी कमी की हकीकत से दो चार होना पड़ता है। वहीं दानदाताओं से भी अनुरोध है कि गो उपचार शाला के संचालन में धन राशि का भी अभाव है इसलिए आगे आकर दान दें। ताकि गौ माता की सेवा के लिए अति शीघ्र उपचार केंद्र, गायों को उठाने के लिए स्टैंड निर्माण, मेडिकल दवाएं गोलियां सभी सेवाएं उपलब्ध हो सके। ताकि बीमार गायों का इलाज किया जा सके उपचार केंद्र पर छाया की व्यवस्था पानी की व्यवस्था गौ माता नंदी के लिए जगह-जगह पानी की व्यवस्था की जावे। पूर्व में भी चार-पांच दिन पहले एक गौ माता का पैर टूट गया था जिसे गौ रक्षा दल टीम द्वारा उसे दानदाताओं के सहयोग से नागौर गौशाला भेजा गया था गौ रक्षा दल सरवानिया महाराज टीम के सदस्यों व दानदाताओं का सहयोग रहा।