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July 24, 2024, 6:51 pm
BIG REPORT : फिर सवालों के घेरे में एमपी का ये जिला अस्पताल, नवजात के परिजनों ने लगाया हॉस्पिटल प्रबंधक पर गंभीर आरोप, पढ़े दिलीप सौराष्ट्रीय की खबर 

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शाजापुर। जिला अस्पताल में बच्चों के इलाज के लिए आधुनिक नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई है, जिसमें वर्षों से बच्चों का सफलतापूर्वक इलाज किया जा रहा है, लेकिन बीते कुछ दिनों से एक डॉक्टर के द्वारा बच्चों को निजी अस्पताल या फिर इंदौर ले जाने के नाम पर रैफर किया जा रहा है, जिसको लेकर कई परिवारों ने बुधवार को अस्पताल में नाराजगी जाहिर की। 

ग्राम झोंकर निवासी नजमा खान ने बताया कि वह अपनी बहू को प्रसव हेतु जिला अस्पताल लेकर आई थीं, जहां प्रसव के बाद बच्चे के फेफड़े में पानी चले जाने की बात कहते हुए डॉक्टरों ने आईसीयू में भर्ती कर दिया, लेकिन बुधवार को डॉ भावेश मोटवानी ने कहा कि बच्चे की हालत गंभीर है आप उसे निजी अस्पताल या फिर इंदौर ले जाओ। नजमा बी का कहना है कि वह गरीब हैं, ऐसे में इंदौर आने-जाने और रहने का खर्च वहन नही कर सकतीं बावजूद इसके डॉक्टर बच्चे को रैफर कर रहे हैं। इसी तरह अन्य बच्चों को भी डॉक्टर भावेश के द्वाराा रैफर किया जा रहा है।

इनका कहना है-
एक महिला डॉक्टर को हमने शिविर हेतु सुंदरसी भेजा था और एक महिला चिकित्सक सिविल सर्जन सभाकक्ष में डायबिटिज ट्रेनिंग दे रही थीं। जबकि एक सीजर में थी जिसके कारण ओपीडी व्यवस्था में विलंब हुआ होगा। महिला डॉक्टरों की कमी होने से हमें भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यदि डॉक्टरों की संख्या बढ़ जाए तो व्यवस्था संचालित करने में दिक्कत नही आएगी। वहीं नवजात गहन चिकित्सा इकाई से डॉ मोटवानी द्वारा बच्चे को रैफर नही किया गया है उसका यहीं इलाज चल रहा है। - डॉ एमके जोशी, सिविल सर्जन जिला अस्पताल शाजापुर

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