नीमच। मध्य प्रदेश में नीमच जिले के गांव आंतरी बुजुर्ग के सरपंच विष्णु मेघवाल की पीड़ा यह है कि एससी एसटी वर्ग का होने के कारण उसकी सुनने वाला कोई नहीं है। गांव में दबंग लोग शासकीय भूमि पर, नदी नाले और गोचर की जमीन पर अवैध ढंग से कब्जा कर रहे है। लेकिन नोटिस देने के बावजूद कोई उसकी बात मानने को तैयार नहीं है... और इस पर हद यह है कि जब वह कार्रवाई के लिए प्रशासनिक अधिकारियों का सहयोग मांगने जाता है तो कोई उसका हाथ थामने को तैयार नहीं। ऐसे में आज दलित जाति से आने वाला सरपंच विष्णु मेघवाल असहाय और लाचार होकर आंतरी बुजुर्ग की शासकीय भूमि को बचाने के लिए गांव वालों को साथ लेकर नीमच के जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचा और ज्ञापन दिया। उसने अपनी फरियाद में कहा कि गांव के बड़े-बड़े लोग बिना कागज पेश किये अपनी मर्जी के मुताबिक सरकारी जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। तालाबों पर अतिक्रमण हो रहा है। 16 हेक्टेयर का तालाब अब मात्र 4 हेक्टेयर का रह गया है। पंचायत ने इन लोगों को नोटिस दिया। लेकिन ध्यान नहीं दिया गया।पूर्व में तहसीलदार और कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया। लेकिन कार्यवाही नहीं हुई।अतिक्रमणकर्ता राजनीतिक रसूख भी रखते है। फिर एक बार आज गांव वालों को साथ लेकर कलेक्टर कार्यालय पर सरपंच ने ज्ञापन देकर अतिक्रमण कर्ताओं के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। देखना होगा इस बार प्रशासन सरपंच की बात को कितना तवज्जो देता है।