चित्तौड़गढ़। ब्रह्माकुमारी प्रताप नगर सेवा केंद्र संचालिका राजयोगिनी आशा दीदी ने बताया कि सभी व्यक्ति लंबी आयु पाना चाहते हैं, व्यक्ति अपनी आयु को मेडिटेशन या आध्यात्मिक योग से बढ़ा सकता है।
उन्होंने बताया निरंतर मेडिटेशन करते रहने से सांसों की गति काफी कम होती है, मेडिटेशन के दौरान शरीर के फेफड़े हृदय अंग आदि कम ऑक्सीजन की मांग करते हैं और हमारी कर्मेंद्रिय बिल्कुल शिथिल हो जाती है। इन सब का परिणाम यह होता है कि सांसों के गति की संख्या एकदम कम हो जाती है। ब्रह्माकुमारी में निशुल्क मेडिटेशन सिखाया जाता है। मेडिटेशन से हमारा मन शांत बुद्धि स्थिर और हमारे संस्कारों का शुद्धिकरण होता है पॉजिटिव संकल्प चलते हैं। उन्होंने बताया कि प्रभु के साथ संबंध जोड़ने से प्रभु से सर्व संबंधों की अनुभूति होती है। परमात्मा को प्रेम का सागर तो सब कहते हैं परंतु उसके प्रेम का अनुभव तभी होगा जब हम उसे हम प्रेम का नाता जोड़ेंगे प्रभु से प्रेम करना अथवा प्रीत बुद्धि होना ही राजयोग है । जहां संबंध हो वही स्नेहा होता है और जहां स्नेहा हो वही स्मृति होती है। उन्होंने बताया कि मेडिटेशन घंटे बैठकर करने का नहीं है मेडिटेशन तो चलते-फिरते कर सकते हैं मेडिटेशन से हमारे विचार शुद्ध होते हैं।