इंदौर। श्री बिजासन क्षेत्र माहेश्वरी महिला संगठन की ओर से पहली बार 3 दिवसीय 51 सदस्यीय मातृशक्तियों की टीम ने उज्जैन में 84 महादेव की यात्रा बगैर पादुका पहने पूर्ण की। संगठन की अध्यक्ष मंजू जाजू ने बताया कि समाज की मातृशक्तियों को वर्ष में एक बार संगठन के माध्यम से धार्मिक स्थलों की यात्रा पर ले जाया जाता है। पिछले वर्ष संगठन के माध्यम से मातृशक्तियों को अधिक मास में उज्जैन में स्थित नौ नारायण, सात सागर की यात्रा कराई गई थी।
इस वर्ष 51 सदस्यीय टीम को उज्जैन में स्थित 84 महादेव की यात्रा इंदौर से बस द्वारा कराई गई, जो तीन दिन में संपन्न हुई। इस यात्रा ने इंदौर , नागौर, कुचामन, पिपरिया, हरदा, मोहन बड़ोदिया की मातृशक्तियों ने भाग लिया। संगठन की कोषाध्यक्ष भावना माहेश्वरी ने बताया कि उज्जैन पहुंचते ही सभी मातृशक्तियों को वहां के संगठन के वरिष्ठ पदधिकारियों द्वारा कुंकू तिलक और भगवा दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया गया। उसके बाद सभी ने 84 महादेव की बोल बम के उद्घोष के साथ यात्रा प्रारंभ की।
इस यात्रा के लिए संगठन की तरफ से पूजा का पूरा सामान एक बैग में पूरा किट बनकर दिया गया। सभी के लिए चाय और खाने की समुचित व्यवस्था संगठन की तरफ से की गई। शाम को मठ में आने के बाद सभी सदस्यों ने गेम्स, तंबोला आदि का भरपूर आनंद लिया। इंदौर प्रस्थान के पहले सभी को संस्था की तरफ से एक साड़ी एवं मिठाई प्रसाद के रूप में दिया गया।
84 महादेव यात्रा की संयोजक संगीता काबरा ने बताया कि इस यात्रा में प्रमुख रूप से पुष्पा जाजू, लीला देवी मूंदड़ा ( हरदा), निरुपमा जेठा (पिपरिया), शीला मूंदड़ा, सीमा माहेश्वरी, मीना पसारी, मंजू हुरकट (मोहन बड़ोदिया) संगीता हुरकट, गायत्री माहेश्वरी, रेखा माहेश्वरी (नागौर), संतोष माहेश्वरी (कुचामन), सविता जाजू ,कुसुम मानधन्या, सरला मानधन्या, शशि मानधन्या, सुमित्रा भट्टड़, प्रेमलता राठी, इंदु डागा, सरला मूंदड़ा, किरण चौधरी, मनीता लोहिया, सुशील काबरा आदि सभी सदस्य 84 महादेव यात्रा पर गए थे।