भवानीमंडी। शहर के समीपवर्ती क्षेत्र मध्यप्रदेश मे जंहा मुख्यमंत्री मोहन यादव गौधन को सुरक्षित करने के लगातार प्रयासरत है, वही मन्दसौर जिले में गौचर भूमि को भी नही छोड़ा जा रहा है। राजस्व रिकॉर्ड में जो भूमि गोचर यानी कि गायों के हक की है उसे मिलीभगत से ठिकाने लगया जा रहा है। जिले के भैसोदा नगर परिषद क्षेत्र के भैसोदा- भानपुरा मुख्य मार्ग पर अवैध कब्जा कर पक्के निर्माण कर लिए और व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही है। खास बात तो यह है कि एक भी निर्माणकर्ता के पास भवन अनुज्ञा स्वीकृति नही है और ना ही अबतक नगर परिषद की टीम ने निर्माणकर्ता से इस बारे मे बात की है। गौचरनोट भूमि पर अवैध कब्जा कर बनाये गए इन भवनों में शराब दुकान, सुपर बाजार, धर्मशाला के नाम पर व्यावसयिक दुकानें संचालित की जा रही है। वही दूसरी ओर गौमाता सड़को पर विचरण करने को मजबूर है। भैसोदा नगर परिषद क्षेत्र में एक भी गौशाला नही होने के कारण नगर परिषद के कर्मचारियों को सड़कों पर विचरण करती बेसहारा गौमाता को काउ केचर वाहन में भरकर नगर से 60 किलोमीटर दूर नावली के पठारी क्षेत्र में छोड़ने को मजबूर होना पड़ रहा है। वही गौमाता का असली गौधन या कहे गौभूमि को अवैध निर्माणकर्ता दबा के बैठे है। वही सम्बन्धित भूमि को तहसीलदार ने शासकीय भूमि पर कब्जा बताया है जिसकी जांच एसडीएम कार्यालय भेज दी गयी है। ऐसे में यह देखने वाली बात होगी कि आखिर गौचर भूमि को जिम्मेदार अधिकारी कबतक कब्जामुक्त करा पाते है और क्या जिम्मेदार गौसेवक गौमाता के हक की भूमि को छुड़वाकर यहां गौशाला का निर्माण करवा पाते है या नही..?