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September 27, 2024, 6:57 pm
NEWS : गांधीनगर स्थित नानू नवकार भवन में धर्मसभा का आयोजन, महासती शीलप्रभा ने कहा- पाप कार्यों की आलोचना करने के लिए सजग रहे, पढ़े रेखा खाबिया की खबर 

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चित्तौड़गढ़। गांधीनगर स्थित नानू नवकार भवन में आयोजित धर्मसभा में जिज्ञासुओं से रूबरू होते हुए शांतक्रांति संघ की विदूषी महासती शीलप्रभा ने बताया कि हम जीवन में सदा क्रियाशील रहते हैं और ये क्रिया ही हमारे कर्म होते हैं। सकारात्मक कर्म मन को सुकून देने वाले होते हैं जो हमारे लिए पुण्य बंध एवं आत्म विकास में सहायक होते हैं और नकारात्मक कर्म हमारे मन को उद्वेलित और अशांत करने के साथ पापों में उलझाते हुए आत्मा को पतन के रास्ते पर ले जाते हैं। अगर हम सावधानी रखते हुए दैनिक क्रियाओं का लेखा जोखा रखें और गलत कार्यों की समीक्षा करके प्रतिदिन आलोचना करते रहें तो हमारी आत्मा से पाप कर्मों का भार हल्का होता रहेगा और ये अभ्यास निरंतर जारी रखेंगे तो नकारात्मक कर्मों का मैल रोज़ साफ़ होकर हमें आध्यात्म के रास्ते पर आगे बढ़ाता रहेगा। इससे पूर्व साध्वी सत्यप्रभा ने कहा कि हमें ज्ञानवान बनने के साथ आसक्ति भाव कम करते हुए परमार्थी बनना चाहिए एवम् प्रमाद को धीरे धीरे कम करने की कोशिश करनी चाहिए। महासती पुण्यप्रिया ने ठानांग सूत्र के चौथे ठाणे में वर्णित वाचना हेतु अपात्रता के विषयमें जानकारी दी। साध्वी रत्ना राजश्री जी म सा ने विभिन्न प्रत्याख्यान कराने के बाद मंगल पाठ सुनाया। संचालन पारस सोनी ने किया।

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