नीमच। शहर के उदय विहार में गरबा महोत्सव का अनूठा आयोजन हो रहा है। यहां डांडिया नहीं बल्कि सांकेतिक रूप से तलवार से गरबा खेलती है लड़कियां। वे यह संदेश देती हुई दिखाई देती है कि महिलाएं अपनी आत्मरक्षा के साथ-साथ देश और समाज की रक्षा में भी किसी से कम नहीं।
शारदीय नवरात्र के दौरान इन दिनों शक्ति की देवी मां दुर्गा के उपासना पर्व नवरात्रि पर गरबे कर पुरुषों के साथ महिलाएं माता की आराधना कर रहे हैं। गरबे का एक अनोखा रूप नीमच में देखने को मिल रहा है। यहां परंपरागत डांडिया की जगह 100 से ज्यादा महिलाएं राजपूती ड्रेस में हाथों में डांडियों की जगह तलवार लेकर गरबा कर रही हैं। गरबे का यह आयोजन स्थानीय लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। नीमच में उदय विहार में दुर्गा गरबा महोत्सव समिति के द्वारा इस साल पहली बार सार्वजनिक गरबा उत्सव का आयोजन किया गया है। यहां मां दुर्गा की विशाल प्रतिमा स्थापित की गई है, जो शक्ति और साहस का प्रतीक है। पूरे पंडाल को फूलों और आकर्षक लाइटिंग से सजाया गया है। लेकिन खास आकर्षण है तलवार के साथ गरबा करती महिला और युवतियां। सैकड़ों लोग इस अनोखे गरबा उत्सव को देखने आ रहे हैं। गरबा खेलने आई नंदिनी ने बताया कि हमारा उद्देश्य गरबा में तलवार घूमाना नहीं, बल्कि ये संदेश देना है कि लड़कियां भी किसी से कम नहीं होती जो खुद की रक्षा के साथ ही देश और समाज की रक्षा करना भी जानती है।