उज्जैन। विजयादशमी पर महाकाल मंदिर से भगवान महाकाल की सवारी निकाली गई। बाबा महाकाल राजसी वैभव के साथ दशहरा मैदान पहुंचे। यहां शमी पूजन के बाद सवारी परिवर्तित मार्ग से वापस मंदिर की ओर रवाना हुई। पूरे शहर में कई स्थानों पर स्वगत मंच बनाकर बाबा महाकाल का स्वागत किया गया। श्रावण - भादो और कार्तिक मास के अलावा महाकाल की सवारी दशहरे के दिन फ्रीगंज क्षेत्र में शमी पूजन के लिए आती है।
शाम 4 बजे बाबा महाकाल की सवारी प्रारंभ हुई। इससे पहले सभा मंडप में बाबा महाकाल के मुखारविंद का पूजन पुजारियों और पुरोहितों ने किया। मंदिर के बाहर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने राजाधिराज को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सवारी के साथ तोपची, पुलिस बैंड, सशस्त्र पुलिस जवान, घुड़सवार दल, हाथी पर बाबा महाकाल की तस्वीर, नौ भजन मंडली, डमरू वादकों का दल, भगोरिया लोकनृत्य दल के कलाकार शामिल थे।
सवारी मार्ग में सबसे आगे कलाकार भगवान महाकाल की अगवानी करने के लिए रंगोली सजाते चल रहे थे। सवारी के साथ प्रशासनिक अधिकारी, मंदिर समिति के अधिकारी, महाकाल मंदिर के पंडे-पुजारी और भक्त चल रहे थे। शहर में कई स्थानों पर मंच बनाकर फूलों से बाबा महाकाल का स्वागत किया।
पूरे शहर से होकर सवारी दशहरा मैदान पहुंची
महाकाल की सवारी गुदरी चौराहा, पटनी बाजार, गोपाल मन्दिर, सराफा, सतीगेट, नई सड़क, दौलतगंज, मालीपुरा, देवासगेट, चामुण्डा चौराहा से टॉवर के रास्ते शहीद पार्क, घास मंडी चौराहा, माधव नगर हॉस्पिटल, पुलिस कंट्रोल रूम, एलआईसी ऑफिस से दशहरा मैदान पहुंची। दशहरा मैदान में पूजन पश्चात् वापसी में दशहरा मैदान से निकलकर देवास रोड के रास्ते, तीन बत्ती चौराहा, से माधव क्लब रोड होते हुए धन्नालाल की चाल से लोक निर्माण विभाग कार्यालय के सम्मुख से फ्रीगंज ओवर ब्रिज के रास्ते संख्याराजे धर्मशाला, देवासगेट, मालीपुरा, दौलतगंज चौरहा, इंदौर गेट, गदापुलिया, हरिफाटक ब्रिज, बेगमबाग से कोट मोहल्ला चौराहे के रास्ते पुनरू श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंची।