चित्तौड़गढ़। विगत पाँच वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा शमी पूजन कार्यक्रम आज हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। नवरात्र पर्व के अंतिम दिवस पर दशहरा के दिन शमी का पूजन करने से विजयश्री का आशीर्वाद प्राप्त होता है । मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने अपराजिता का पूजन किया और सबके सहयोग से लंका विजय की। अर्जुन ने शमी के सानिध्य में ही तप बल द्वारा अमोघ अस्त्र शस्त्र प्राप्त किए । शास्त्रों में कहा गया है कि दशहरा के दिन जो भी व्यक्ति शमी पूजन अर्चन करते हैं उनको सर्वत्र यश मिलता है । शमी के पूजन करने के साथ ही देवी अपराजिता को भी आवाहन कर मंगल कामना की जाती है । अपने जीवन के रोग, दोष, बाधा रूप शत्रुओं का मर्दन करने के लिए शस्त्र का भी पूजन कर भगवती से शक्ति का वरदान मांगा जाता है। जिससे हमारे समस्त विघ्नों का नाश हो तथा सभी सनातनियों को धर्म रक्षा करने का सामर्थ्य प्राप्त हो।
आज इस आयोजन में संस्था के ज्योतिषाचार्य पंडित विकास उपाध्याय द्वारा गणेश पूजन, शस्त्र पूजन, अपराजिता का पूजन एवम् हवन विधि सम्पादित करवायी गयी। प रतन पारलिया, प कौशल शर्मा,प पंकज बिजयपुर, प पीयूष धनेत, प दीपक शर्मा, प ओमप्रकाश बावलास प कुलदीप दशोरा, प रजनीश दाधीच, प रत्नेश केली, प कपिल शर्मा , प युधिष्ठिर आदि ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूर्णाहुति एवं आरती कर अनुष्ठान पूर्ण करवाया ।
सुरेन्द्रनाथ योगी, देवेंद्र मेनारिया, विनोद तोमर, भरत सोनी, आदि ने व्यवस्थाओं में सहयोग प्रदान किया । छोटे बच्चो ने भी बढ़चढ़ कर उत्साह के साथ रंगोली एवं दीपदान में भाग लिया ।कार्यक्रम के अंत में सभी ने प्रसाद ग्रहण कर विद्वदज्जनों से आशीर्वाद लेकर राष्ट्र उत्थान की मंगल कामना के साथ ही निरंतर धर्म स्थापन हेतु लगातार ऐसे आयोजन करने की प्रेरणा प्राप्त की । आयोजन में प्रहलाद हेड़ा, भारत शर्मा, सुरेश पंचोली का भी विशेष सानिध्य एवं सहयोग प्राप्त हुआ ।