चितौड़गढ़। राष्ट्र सेविका समिति द्वारा विजयादशमी उत्सव का आयोजन विशाल एकेडमी स्कूल, गांधीनगर में सम्पन्न हुआ। मुख्य वक्ता अखिल भारतीय व्यवस्था प्रमुख वन्दना वजीरानी ने अपने उद्धबोधन में कहा कि राष्ट्र सेविका की स्थापना 1936 में नागपुर के पास केन्द्र वर्धा में विजयादशमी के दिन वन्दनीय लक्ष्मीबाई केलकर ने की। यह महिला क्षेत्र में संगठनात्मक कार्य करने वाला एक मात्र संगठन है इसके कार्य का परिचय आज भारत के प्रत्येक प्रान्त एवं नगर-नगर तक पहॅुचा गया है। समिति ने अपनी ऐतिहासिक परम्परा का दर्षन करते हुए अपनी सेविकाओं के सामने राष्ट्र कल्याण की आंकाक्षा लेकर लोकमाता अहिल्या बाई का आदर्श कर्तृव्य के लिए प्रस्तुत किया जिसका 300वां शताब्दी वर्ष कार्यक्रम पूरे वर्षभर सेविका समिति के द्वारा उनके स्मरण में किया जायेगा। महिलाओं को समाज एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।
मुख्य अतिथि यातायात प्रभारी सीआई सुनीता गुर्जर कहा कि शस्त्र एवं शास्त्र पूजन की ऐसी प्रथा देखकर यह विजयादशमी पर्व शक्ति का महसूस होता है। यदि प्रत्येक नारी शस्त्र उठा ले तो संगठन बड़ा हो सकता है इसका साक्षात उदाहरण सामने है। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा शस्त्र एवं शास्त्र पूजन किया गया।
कार्यक्रम में विभाग विस्तारिका तनवी कविष्वर, सरोज कुमावत ने अतिथि का स्वागत किया। कार्यक्रम में चितौड़ प्रान्त की सेविकाएं उपस्थित रही। चितौड़ विभाग कार्यवाहिका विमला सेठिया ने धन्यवाद ज्ञापित किया।