कुकड़ेश्वर। नगर में सूर्यवंशी कुमरावत तंबोली समाज द्वारा केशु बावजी का पांच दिवसीय जन्मोत्सव धूमधाम से शुरू हो गया है। इस महोत्सव की शुरुआत दशहरे के साथ हुई, जिसमें केशु बावजी की मार तुलसी, बांस, सुतली और जंगल की लकड़ी से बनी प्रतिमा का निर्माण किया गया। पांच दिनों तक यह प्रतिमा समाज के हर घर में ले जाई जाएगी, जहां पूजा-अर्चना की जाएगी।
महोत्सव का समापन शरद पूर्णिमा के दिन होगा, जब बैंड-बाजों के साथ केशु बावजी की बारात निकाली जाएगी। इसके बाद मटकी रूपी दुल्हन के साथ केशु बावजी का विवाह मार तुलसी से निर्मित प्रतिमा से संपन्न कराया जाएगा। विवाह के पश्चात प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। इस अवसर पर समाज के लोग लड्डू और बाटी का भोग लगाकर पूजा करेंगे। महोत्सव के हर दिन समाज के लोग बड़ी संख्या में आकर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग ले रहे हैं, जिससे पूरे नगर में उत्साह और आस्था का माहौल बना हुआ है।