नीमच। काल गणना, स्थान भेद, भौगोलिक स्थिति, अमावस्या की उपस्थिति और सूर्यास्त समय भिन्नता के आधार पर इस बार दीपावली पर्व 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को मनाए जाने के योग बन रहे हैं। भारत के सभी पंचांगकर्ता विद्वानों के अलग-अलग मत है और अपने मत के समर्थन में वे अलग-अलग प्रमाण भी दे रहे हैं।
श्री कर्मकांडीय विप्र परिषद नीमच के विद्वान पंडितों का कहना है कि नीमच क्षेत्र की अक्षांश रेखांश और धर्म सिंधु व निर्णय सिंधु के आधार पर नीमच जिले में 1 नवंबर को दीपावली मनाना शुभ कारक होगा। इस बारे में आज कर्मकांडीय विप्र परिषद नीमच द्वारा भूतेश्वर मंदिर में पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। पत्रकार वार्ता में उपस्थित विद्वानों ने अपने तर्क के समर्थन में भारत का मानचित्र दिखाया। उनका कहना था कि संपूर्ण गुजरात, केरल, राजस्थान के पश्चिमी भाग, गुजरात से सटे मध्य प्रदेश के कुछ भाग, महाराष्ट्र,कर्नाटक,तमिलनाडु के पश्चिमी भागों में दीपावली 31 अक्टूबर को व शेष भारत में 1 नवंबर को मनाना शास्त्र सम्मत और शुभ कारक है। पत्रकार वार्ता के दौरान पंडित राधेश्याम उपाध्याय, पंडित मालचंद शर्मा, पंडित जगदीश शर्मा, पंडित महेश शर्मा,पंडित रामेश्वर शर्मा, पंडित लक्ष्मण शर्मा शास्त्री, पंडित घनश्याम शर्मा शास्त्री और पंडित राहुल शर्मा मौजूद रहे।