नीमच। बोहरा समाज के प्रतिष्ठित समाजसेवी, गरीबों के हमदर्द व शिक्षा के लिए समर्पित वयोवृद्ध शेख इमदाद अली हड्डी वाला का आज शाम करीब 5ः00 बजे अल्प बीमारी के चलते 98 वर्ष की आयु में निधन हो गया। शेख इमदाद अली हड्डी वाला पिछले दो दिनों से हृदय संबंधित बीमारी के चलते शहर के श्री राम अस्पताल में भर्ती थे। शेख अकबर अली आरिफ के पिताजी व मोहम्मद आरिफ और हुसैन आरिफ के दादाजी शेख इमदाद अली हड्डी वाला के निधन के समाचार से शहर और बोहरा समाज में शौक की लहर दौड़ गई।
शेख इमदाद अली हड्डी वाला के दुखद निधन पर वरिष्ठ पत्रकार और बाबजी नेटवर्क के मैनेजिंग डायरेक्टर मुस्तफा हुसैन ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि शहर और समाज के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाले शेख इमदाद अली का निधन एक अपूर्णीय क्षति है। समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। शेख इमदाद अली के सामाजिक कार्यों की फेहरिस्त यूं तो काफी लंबी है।
उल्लेखनीय है कि नीमच की शैक्षणिक संस्था तैय्यबी स्कूल की स्थापना में उनकी अहम भूमिका रही। कार्मल कान्वेंट स्कूल को नीमच लाकर उसे व्यवस्थित स्थापित करने में उन्होंने सक्रिय योगदान दिया। गरीबों की मुक्त हस्त से सेवा करने के लिए वे हमेशा तत्पर खड़े रहे। शेख इमदाद अली हड्डी वाला ने हज, कर्बला और तमाम धार्मिक तीर्थ स्थलों की यात्राएं की। यही नहीं उन्होंने स्वयं अपने खर्चे से 52 व्यक्तियों को इराक के करबला और नजफ भेज कर जियारत भी करवाई। नीमच की सैफी कॉलोनी में 15 जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क भवन उपलब्ध कराया। इसी कॉलोनी में मस्जिद स्थापित करने के लिए समाज को जगह भी दान दी। काफी लंबे अरसे तक आपने लायंस क्लब के मेंबर रहकर समाज सेवा की गतिविधियों में तन, मन, धन से योगदान दिया। शेख इमदाद अली हड्डी वाला को उनके सामाजिक योगदान के लिए मियां शेख की उपाधि से नवाजा गया। वे अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं।