चित्तौड़गढ़। बालाजी कुश्ती एवं जुड़ो प्रशिक्षण संस्थान, बागलेश्वर महादेव अखाड़ा गांधीनगर पर हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी पद्मश्री द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित विश्व विख्यात स्व. गुरू हनुमान जी का 125वाँ जन्मोत्सव व्यायामशाला परिवार के समस्त पहलवानो की ओर पुष्पांजलि अर्पित कर कुश्ती प्रतियोगिता के साथ मनाया गया।
व्यायामशाला संस्थापक कमलेश गुर्जर ने बताया कि भारतीय कुश्ती के पितामह माने जाने वाले गुरु हनुमान उर्फ विजयपाल गुरुओं के गुरु थे। उन्होंने इंटरनेशनल कुश्ती मानकों के साथ आधुनिक भारतीय कुश्ती और पारंपरिक भारतीय कुश्ती शैली (पहलवानी) को मिलाकर एक खाका तैयार किया था। समय के साथ उन्होंने लगभग सभी फ्री स्टाइल इंटरनेशनल पहलवानों को कोचिंग दी। जो गुरु हनुमान के शिष्य थे वे खुद गुरु बनकर भारतीय कुश्ती को ऊँचाईयों तक लेकर जा रहे हैं। बतौर खिलाड़ी और कोच गुरु हनुमान दिग्गज थे। भारतीय कुश्ती में उनके योगदान के कारण उन्हें पितामह कहा जाता है। दो बार के ओलंपिक मेडलिस्ट सुशील कुमार के गुरु सतपाल उनके शिष्य थे।
व्यायामशाला कोषाध्यक्ष बसंतीलाल पंचोली ने बताया कि शनिवार सायं साढ़े 6 बजे अखाड़े पर विश्व विख्यात पहलवान की पुष्पांजलि के बाद व्यायामशाला संरक्षक विष्णु शर्मा, व्यायामशाला संस्थापक कमलेश गुर्जर, अन्तरराष्ट्रीय वैश्य फेडरेशन युवा शाखा जिला महामंत्री निलेश बल्दवा, समाज सेवी राम गोपाल लोहार, जन सेवा संस्थान सदस्य विष्णुशंकर कुमावत चित्तौड़गढ़, शारीरिक शिक्षक विजय गांछा, जगपाल सिंह राणांवत, राजकुमार गांछा, पहलवान रामनिवास गुर्जर, अभय सिंह चौहान, राहुल गुर्जर, हिमांशु भांड, रणवीरसिंह राठौड़, बालकिशन भांड, रोहित रेगर, महेन्द्र चावंला, कार्तिक गांछा, नारायण भील, अर्जुन माली, नारायणलाल शर्मा, रोहित ढोली, देवेन्द्रसिंह की उपस्थिति में कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन हुआ।