नीमच। जिला अभिभाषक संघ का आंदोलन 12वें दिन भी जारी रहा। शनिवार को उन्होंने धरना स्थल से पोस्ट कार्ड अभियान शुरू किया। जिसमें मप्र उच्च न्यायालय जबलपुर के मुख्य न्यायाधिपति के नाम सभी वकीलों से पोस्ट कार्ड पर नवीन न्यायालय भवन में मौजूद समस्याओं के बारे में लिखाया गया और संघ के माध्यम से उन तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही इस अभियान से आमजन व कोर्ट में लंबित मामलों के पक्षकारों को भी जोड़ा जाएगा। उन सभी से भी एक-एक पोस्ट कार्ड लिखवाएंगे। इसके लिए संघ सदस्य घर-घर और प्रमुख स्थानों पर जाकर भी पोस्ट कार्ड अभियान चलाएंगे।
नए जिला न्यायालय परिसर में वकील व पक्षकार के बैठने की उचित व्यवस्था की मांग को लेकर बीते 12 दिनों से वकीलों का आंदोलन जारी है। अपनी मांगों को लेकर वे अड़े हुए है और कई तरह की गतिविधियों के माध्यम से अपना विरोध जता रहे है। जिले के न्यायिक अधिकारी यह स्पष्ट कर चुके है कि उक्त समस्या का निराकरण मप्र उच्च न्यायालय जबलपुर से ही होगा। वहां के मुख्य न्यायाधिपति तक वकीलों द्वारा पत्राचार समेत अन्य माध्यामों से अपनी बात पहुंचा दी। परंतु वहां से कोई उत्तर नहीं मिला है। समस्या छोटी है लेकिन हल निकलने में दिन गुजरते जा रहे है। इससे वकीलों में आक्रोश है। इधर 7 दिन की अधिक हड़ताल चलने के बाद न्यायालय द्वारा अधिकांश दावे, जमानत आदि मामलों की सुनवाई वकीलों की अनुपस्थिति मे खारीज, निरस्त और एकपक्षीय किए जा रहे है। जिससे पक्षकार व वकील दोनों का नुकसान हो रहा है। मामले का निराकरण मप्र उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति द्वारा ही संभव है इसलिए अब संघ द्वारा उनके नाम पोस्ट कार्ड लिखों अभियान शुरू कर दिया है। धरना स्थल से ही शनिवार को सबसे पहले वकीलों ने कार्ड लिखे और अब इस अभियान को जनमानस तक ले जाने का निर्णय लिया। जिसमें न्यायालय में आने जाने वाले आम जन और पक्षकारों को भी पोस्ट लिखवाए जाकर उन्हें भेजेंगे।
यह लिखा पोस्ट कार्ड में -
पोस्ट कार्ड में लिखा गया कि ....माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय, जिला न्यायालय नीमच के नवीन न्यायालय भवन का निर्माण हुआ है जहां आने जाने वाली जनता, पक्षकार एवं वकीलों के बैठने, बात करने, कार्य करने हेतु समूचित स्थान व पेयजल आदि की मूलभूत सुविधाओं की कमी है। जिसमें संबंध में उचित कार्रवाई की जाना उचित है।
वकीलों का आंदोलन तोड़ने की सुगबुगाहट शुरू -
वकीलों का आंदोलन तोड़ने की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। संघ से वकील बिखरने लगे है और विरोधी खेमे के साथ मिलकर साजिश रच रहे है। न्यायालय द्वारा भी लगातार अप्रत्यक्ष रूप से दबाने का प्रयास किया जा रहा है। 5 दिनों से प्रकरण खारीज, जमानते जप्त और वारंट लगातार जारी किए जा रहे है। इससे पक्षकारों को भी काफी नुकसान हो रहा है। इस कारण अभिभाषक संघ के सदस्य भी टूटने लगे है। किसी तरह उन्हें बहकाया जा रहा है। आंतरिक रूप से कई लोग आंदोलन का विफल करने में लगे हुए है। इसी संभावनाओं को देखते हुए रविवार को अचानक साधारण सभा की बैठक बुलाई गई। आंदोलन को देखते हुए यह बैठक काफी महत्वपूर्ण होने वाली है। जिसमें संघ अध्यक्ष मनीष जोशी व समस्त कार्यकारिणी के पास एक ही विकल्प रहेगा कि चाहे उनकी मांगे पूरी हो या नहीं, बहुमत से जो भी बात आएगी कि उन्हें उस पर विचार कर निर्णय लेना मजबूरी होगी।
पुरानी कोर्ट में कल फिर संघ की साधारण सभा-
जिला अभिभाषक संघ की अनिवार्य साधारण सभा कल रविवार को सुबह 11.30 बजे पुरानी कोर्ट स्थित संघ कक्ष में रखी गई है। उक्त बैठक में सभी सदस्यों को आना अनिवार्य किया है। क्योंकि आंदोलन को लेकर आगामी रणनीति पर विचार विमर्श किया जाएगा। इस दौरान जो भी सर्व सहमति और बहुत से प्रस्ताव आएंगा उस पर निर्णय लिया जाएगा।