चित्तौड़गढ़। ब्रह्मा कुमारीज प्रताप नगर सेवा केंद्र संचालिका राजयोगिनी आशा दीदी ने मातृ दिवस पर कहा कि मां दुनिया का सबसे अनमोल मोती है भगवान का दूसरा नाम मां है जिसे हम परमात्मा भी कहते हैं। कहा जाता है ईश्वर हर जगह उपस्थित नहीं हो सकता है इसलिए उसने अपने ही स्वरूप की मां का स्वरूप बनाया और हर बच्चे के लिए छत्रछाया के रूप में उसको वहां रखा ताकि हर समय हर मनुष्य को ईश्वर का सानिध्य महसूस हो। ईश्वर की प्रार्थना में भी हम यही कहते हैं कि तुम मात पिता हम बालक तेरे तो ईश्वर को भी मां का ही दर्जा दिया। मां का हृदय कोमल होता है सहनशीलता की प्रतिमूर्ति होती है। उन्होंने बताया कि मातृ दिवस केवल एक दिन नहीं बल्कि मां के बिना एक दिन भी नहीं है। क्लास में उपस्थित राजयोगिनी आशा दीदी और अनीता दीदी का भी सम्मान किया गया। सभी मातृशक्ति का सम्मान किया गया और सभी को मातृ दिवस की बधाई दी।