भोपाल। सोमवार को स्कूल बस से हुए दर्दनाक हादसे में डॉक्टर युवती की मौत के बाद आरटीओ की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। यही हाल उज्जैन आरटीओ का है। साल में एक बार बसों की जांच पड़ताल कर इतिश्री कर ली जाती है। इसके बाद सड़क पर बसें दौड़ती रहती है। बस हादसे के बाद उज्जैन में स्कूल वाहनों की सुरक्षा को लेकर आरटीओ और ट्रैफिक विभाग ने शहर के कई स्कूलों की बसों की चेकिंग की।
भोपाल के बाणगंगा चौराहे पर स्कूल बस के ब्रेक फेल होने की घटना में डॉक्टर युवती की मौत और कई लोगों के घायल होने के बाद उज्जैन आरटीओ यातायात विभाग के साथ मंगलवार को स्कूल बसों की चेकिंग पर निकले। उज्जैन में आरटीओ और यातायात विभाग स्कूलों के बंद होने के चलते संयुक्त टीम बनाकर खुद स्कूल पहुंचे। यहां खड़े वाहनों का फिटनेस टेस्ट किया। साथ ही ड्राइवरों की मेडिकल जांच, लाइसेंस व बसों में इमरजेंसी गेट, आपातकालीन बटन, फर्स्ट एड सहित अन्य जरुरी दस्तावेजों की जांच की।
यातायात डीएसपी दिलीप परिहार ने बताया कि यह अभियान बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है, ताकि स्कूल खुलने से पहले सभी वाहन तय मानकों पर खरे उतर सकें। आज पहले दिन 6 स्कूलों की जांच की है। जिसमे निर्मला कान्वेंट, ज्ञान सागर, पोद्दार स्कूल, क्रिस्ट ज्योति, ऑक्सफोर्ड और आईबीएस स्कूल शामिल है। सिर्फ एक बस का पीयूसी छोड़कर सभी जगह पेपर वर्क पूरा मिला है। यह जांच शहर के सभी स्कूल मे होंगी। उसके बाद ग्रामीण इलाकों के स्कूलों की जांच की जाएगी।