शाजापुर। जिले के पोलायकलां नगर से जमीन विवाद को लेकर कुछ लोग पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत को एक शिकायती आवेदन देने जिला मुख्यालय शाजापुर पहुंचे, जिन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनकी जमीन का विवाद काफी समय से चला रहा है जिसको लेकर कोर्ट ने उन्हें स्थाई स्टे दिया है, स्टे के बाद भी दूसरे पक्ष के लोग उनके साथ मारपीट कर उक्त जमीन पर कब्जा करने का बार-बार असफल प्रयास कर रहे हैं, जिसमें थाना प्रभारी बैरागी द्वारा कोर्ट के स्टे को नहीं मानने की बात कही गई, वहीं दूसरे पक्ष के लोगों के साथ सांठ-गांठ करने का आरोप भी फरियादी पक्ष द्वारा लगाया गया है, वही आवेदन देने आए फरियादी ने पुलिस अधीक्षक से कब्जा करने की कोशिश के साथ मारपीट करने वाले करीब 4-5 लोगों के साथ-साथ थाना प्रभारी के खिलाफ भी शिकायत की है, वही इस मामले मे तुरंत कार्रवाई की मांग की जा रही है।
शाजापुर जिले के अवंतीपुर बड़ोदिया थाना क्षेत्र के पोलायकलां में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में वर्ष 2018 से मामला कोर्ट में विचाराधीन है, जिसके परिणाम स्वरूप तृतीय व्यहवार न्यायाधिश खण्ड शुजालपुर, पीठासीन न्यायधीश द्वारा स्थाई स्थगन यानि स्थाई स्टे, अंतिम निराकार तक हेमराज पिता कन्हैयालाल इत्यादि के हित मे दिया गया था, बावजूद इसके अन्य पक्ष घनश्याम पिता भवानी सिंह, अपने परिवार तथा अन्य रिश्तेदारों के साथ 16 मई 2025 को उक्त प्लॉट पर डराने धमकाने के साथ मार पिट कर असफल कब्जा करने की कोशिश की, जिसमे जितेंद्र, भूपेंद्र इत्यादि घम्भीर रूप से घायल हो गए जिन्हे शाजापुर स्थित जिला चिकित्सालय मे उपचार के लिए दो दिन भर्ती करवाया गया। आरोपीगण का इतने से भी मन ना भरा तो फरयादि जितेंद्र एवं भाई भूपेंद्र के खिलाप छेड़छाड़, बलात्कार एवं लूट की झूठी शिकायत दर्ज करवाने अवंतीपुर बड़ौदिया थाने पहुँच गए।
कब्जा करने की असफल कोशिश के बाद जब मामला हाथ से जाता दिखा तो रामसभा पति घनश्याम तथा नीलम पति राहुल पुत्री घनश्याम ने थाने पर झूठी शिकायत की खराब नियत से अनंतीपुर बड़ोदिया थाने पहुँच गए।
आनन फानन मे जितेंद्र एवं भाई भूपेंद्र ने हंड्रेड डायल को मामले से अवगत कराया, 100 डायल मौके पर पहुंची और सभी को चौकी पोलायकलां लेकर गए जहां चौकी प्रभारी को प्रार्थियों के द्वारा उक्त जमीन पर स्टे दिया गया था उसके दस्तावेज दिखाने का प्रयास किया गया जिस पर चौकी प्रभारी ने उक्त दस्तावेज को देखने से मना करते हुए कहा की ये सब थाना प्रभारी महोदय को दिखाना।
जिसके बाद थाना प्रभारी ने स्टे को यह बोलकर सिरे से नकार दिया की इस मामले मे कोर्ट के निराकरण तक प्रतिपक्ष नही रुकेगा, और साथ ही थाना प्रभारी अवंतीपुर बड़ौदिया द्वारा फरियादी पर दबाव बनाते हुए यह बोला गया की इसलिए अब मै इस मामले को मेरे हिसाब से मै स्वयं निराकारण करूँगा नहीं मानने पर इन महिलाओं द्वारा की गई झूठी शिकायत पर कायमी कर तुम्हे यही से गीरफ़्तार कर लूंगा।
थाना प्रभारी द्वारा कोर्ट के स्टे को भी नही मानने का आरोप फरयादि पक्ष के द्वारा लगाया है वही प्रार्थी ने एसपी साहब को आवेदन के दौरान यह भी बताया कि थाना प्रभारी द्वारा कब्जा करने की नाकाम कोशिश करने वाले दूसरे पक्ष के लोगों से साथ साठगांठ कर उनके खिलाफ आवेदन तक नहीं लिया गया और ना ही उन पर किसी प्रकार की कोई कार्यवाही की गई जिसको लेकर आवेदक जितेंद्र वर्मा ने संजय कुमार के साथ पांच लोगो के खिलाफ नामजद आवेदन एवं अवंतीपुर बड़ौदिया थाना प्रभारी के खिलाफ अनैतिक एवं लापरवाही के साथ कार्य करने के आरोप के साथ एक आवेदन पत्र पुलिस अधीक्षक को सोंपा है वहीं उन्होंने मांग की है कि जब तक मामला कोर्ट में विचाराधीन है तब तक दूसरे पक्ष के लोगों को उक्त प्लाट पर कब्जा करने की नाकाम कोशिश करने से रोका जाए वही थाना प्रभारी के खिलाफ कार्यवाही की जाए जिन्होंने कोर्ट के आदेश की अवमानना करते हुए घनश्याम पिता भवानीसिंह, रामसभा पति घनश्याम, राहुल पिता बाबूलाल, नीलम पति राहुल तथा कमल पिता बद्रीलाल दीक्षित इत्यादि के खिलाप कोई कार्यवाही दूसरे पक्ष के लोगों पर अभी तक नहीं की।