मोरवन। बाबा रामदेव मंदिर मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के उपलक्ष्य में मोरवन के राजनगर में महंत श्री विरम नाथ जी महाराज के सानिध्य में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिन सोमवार को विदुर प्रसंग, भक्त ध्रुव चरित्र, अजामिल उद्धार प्रसंग का विस्तार से वर्णन करते हुए कथा वाचक साध्वी प्रेम बाईसा ने कहा कि भक्त की सच्ची पुकार सुन भगवान दौड़े चले आते है भक्त ध्रुव बाल्य काल से ही भगवान की कठिन तपस्या की भक्त ध्रुव की पुकार सुन भगवान प्रकट हो गए और ध्रुव जी ने भगवान से कहा हे परभु हमे ऐसा वरदान दो की आप और आपकी संतो की चरणों की सेवा मिलती रहे भगवान ने कहा ध्रुव तुम्हारे कुछ कर्म इस धरती पर शेष है कुछ समय तक राज करो। भगवान के आशीर्वाद से ध्रुव जी ने प्राणी मात्र की सेवा करते हुवे 36 हजार वर्ष तक राज किया और परमात्मा की भक्ति लीन होकर मोत पर विजय प्राप्त कर छ शरीर भगवान के धाम पधारे । इस दोरान साध्वी ने थारी उमर रा गिनियोड़ा दिनडा़ लोभी जीवड़ला थोड़ो हरि ने सिंवरले रे । और राख राम रो भरोसो भाई, आदि भजनों की प्रस्तुति दी श्रोताओं को मंत्र मुग्ध किया। दर्जनों गांव से सैकड़ो भक्तजनों ने कथा आरती का लाभ लिया। कथा विश्राम के बाद भंडारा का आयोजन किया गया भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।