चित्तौड़गढ़। सर्व धर्म समभाव के पर्याय बने मेवाड़ के प्रसिद्ध श्री शेषावतार कल्लाजी वेदपीठ पर शनिवार को शुभ मुहूर्त में गुरु गुरुग्रंथ साहिब का दीवान सजाकर अखंड पाठ का शुभारंभ किया गया। वेदपीठ की परंपरा अनुसार कल्याणनगरी के सिंधी एवं सिख समाज की ओर से 20 वे कल्याण महाकुंभ के विभिन्न अनुष्ठानों की श्रंखला में तीन दिवसीय गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ किया जा रहा हैं, जो सोमवार को प्रातः सुखमणि साहिब के पाठ के साथ शबद, कीर्तन एवं अरदास के साथ कणहा प्रसाद वितरण के साथ पूर्ण होगा। दीवान सजाने के साथ ही बूंदी से आए ज्ञानी बलदेव सिंह, दया सिंह, गुरमीत सिंह और सिंगारा सिंह ने वेदपीठ पहुंचकर ठाकुर श्री कल्लाजी एवं गुरुनानक देव को नमन करते हुए सर्वत्र खुशहाली की कामना के साथ कहा कि मेवाड़ में यहीं एक मात्र धाम हैं जहां ठाकुर जी के मंदिर में प्रतिवर्ष गुरुग्रंथ साहिब का पाठ पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जाता हैं। प्रारंभ में वेदपीठ के न्यासियों व पदाधिकारियों ने ज्ञानियों को तुलसी की माला एवं उपरना ओढ़ाकर स्वागत करते हुए सजे दीवान के समक्ष अरदास कर कल्याण महाकुंभ को भव्यता एवं सुखशांति के साथ सम्पन्न होने की कामना की।
नगर के देवालयों को दिया भाव भरा आमंत्रण-
20 वें कल्याण महाकुंभ को भव्यता प्रदान करने और सृष्टि के समस्त देवी देवताओं का आशीर्वाद प्राप्ति की कामना के साथ शनिवार को वेदपीठ की ओर से कल्याणनगरी के छोटे बड़े लगभग 150 देवालयों में अक्षत, पुष्प, सुपारी, इत्र, नारियल, निमंत्रण पत्र, अगरबत्ती दीप प्रज्वलित कर सभी देवताओ से अनुनय आग्रह किया गया कि कल्याण महाकुंभ पूरी भव्यता एवं सर्वत्र खुशहाली की कामना के साथ संपन्न होने का आशीर्वाद प्रदान करें। इस पुनीत कार्य में वेदपीठ से जुड़े न्यासियों, पदाधिकारियों एवं वीर बालकों द्वारा श्रद्धा के साथ मंदिरों में पूजा अर्चना करते हुए सहभागिता निभाई गई। इस मौके पर मंदिर के पुजारियों को भी महाकुंभ के धार्मिक अनुष्ठानों एवं विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता निभाने का आग्रह किया गया।