मुरैना। जिले के कैलारस बुधवार को दोपहर के समय सब्जी के खेरिज दुकानदारो ने प्रदर्शन कर ज्ञापन सौपा हैं। यह ज्ञापन नगर परिषद ओर तहसील कार्यालय पर कलेक्टर के नाम सौपा हैं। ज्ञापन के मध्यम से सब्जी बिक्रेताओं की सूची में घोलमाल की बात कही हैं। मामले में पुनः जाँच की मांग को लेकर समस्त सब्जी बिक्रेताओं ने पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष रमेश कुशवाह के नेतृत्व में ज्ञापन सौपा गया हैं।
जानकारी के अनुसार नगर परिषद कैलारस ने वर्ष 2012 में तत्कालीन एसडीएम अभिषेक सिंह ने अतिक्रमण अभियान दुकानों को हटाया था। जिसमें पीडित खेरीज सब्जी मण्डी विक्रेताओ के पुनर्वास हेतु नवीन सब्जी मण्डी के लिये विधिवत भूमि आवंटित की गई। तात्कालीन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सबलगढ के निर्देश में तहसीलदार एवं निकाय के राजस्व अमले द्वारा सब्जी विक्रेताओं की सर्वे की गई थी। सर्वे उपरांत तात्कालिक मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं अध्यक्ष प्रतिभा तिवारी द्वारा 148 पात्र खेरीज सब्जी विक्रेताओं से दस-दस हजार रूपये पंजीयन शुल्क के रूप में वर्ष 2016 में जमा कराये गये थे। लेकिन वर्तमान में पुनः मुरैना कलेक्टर के आदेश से सर्वे कराई गई। उक्त सर्वे सूची में सिर्फ 121 नाम हैं। जिसमें कई व्यक्तियो के वैध नाम छोड दिये गये है जिनके द्वारा वर्ष 2016 में दस हजार रूपये का पंजीयन शुल्क जमा कराए हैं। साथ ही कई वर्षों से खेरीज व्यवसाय कर रहे है। वर्तमान सूची में ऐसे कई नाम अवैध रूप से नाम जोड दिये गये है, जो केवल थोक व्यवसाय करते है, राखेरीज व्यवसाय नहीं करते है। जिसमें बड़े-बड़े थोक व्यापारी, आडतिया भी शामिल है। जबकि शासन द्वारा सब्जी मण्डी केबल खेरीज रूप से व्यवसाय करने वालों के लिये आवंटित की गई है। मामले को लेकर समस्त सब्जी व्यवसाईयों ने सैकड़ो की संख्या में एकत्रित होकर कैलारस नगर परिषद कार्यलय ओर तहसील कार्यलय पर पुनः जाँच की मांग को लेकर पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष रमेश कुशवाह के नेतृत्व में मुरैना कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौपा हैं।
वर्ष 2016 में 148 खेरिज दुकानदार ने दस दस हजार के पंजीयन शुल्क जमा कराए थे। उस सूची में से वर्तमान सूची में लगभग तीन दर्जन नाम हटाए गए हैं। जो नाम मेघ सिंह पुत्र लखुआराम, रामभजन पुत्र मुल्लाराम, वीरसिंह कुशवाह पुत्र रमेश चंद्र, सूरज पुत्र अशोक, संतोषी पुत्र लखुआ राम, अनार सिंह पुत्र रूप सिंह, कल्ला कुशवाह पुत्र भोगीराम, रिंकू कुशवाह पुत्र रमेश, महेश कुशवाह पुत्र टीकाराम, अशोक पुत्र जीवनलाल, शिशुपाल पुत्र कोकसिंह, देवेंद्र पुत्र मांगीलाल, पप्पू पुत्र कुँअरपाल, कमलेश पुत्र रामभजन, रामसिंह पुत्र नकटु, धर्मवीर जाटव पुत्र श्रीपति, बैजनाथ पुत्र रामस्वरूप, राजेंद्र पुत्र भल्ला, कमलेश पुत्र बाबू, गुनठेनी पुत्र रामचरण, रघुवीर कुशवाह पुत्र कुँअरपाल, बनवारी पुत्र हुकमा, महेश पुत्र गोपी, नरेश पुत्र टीकाराम, जबर सिंह पुत्र टीकाराम, बनवारी पुत्र मुन्ना विशम्भर कुशवाह, जसमंत कुशवाह पुत्र हुकमा, नरेश पुत्र बहादुर, लाला पुत्र हटुआ, रामसिंह पुत्र नकटू,विजयसिंह पुत्र रामचरण सहित अन्य भी ऐसे दुकानदार हैं जिनका नाम सूची में नहीं जोड़ा गया हैं।