शाजापुर। म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार गत दिवस प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शाजापुर अध्यक्ष आनंद कुमार तिवारी के निर्देशन में विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के उपलक्ष्य में श्रम विभाग एवं विदिशा सोसर वेलफेयर ऑर्गनाईजेशन संस्था के साथ समन्वय स्थापित कर विधिक साक्षरता/जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। साथ ही शाजापुर शहर में होटलों एवं दुकानों पर भ्रमण कर बाल श्रमिकों के अधिकारों के प्रति लोगों को जागरूक किया गया एवं बाल श्रम अपराध के संबंध में लोगों को जागरूक किया।
न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शाजापुर सचिव नमिता बौरासी द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि बाल श्रम कानूनी अपराध है और बालकों की शिक्षा पर बल देते हुए यह भी जानकारी दी कि प्राथमिक शिक्षा हर बच्चे का कानूनी अधिकार है तथा 14 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे को उसके शिक्षा और स्वतंत्रता के अधिकार से वंचित कर बाल श्रम कराने पर सजा एवं दण्ड का प्रावधान है। साथ ही सभी से अपील की कि बाल श्रम न तो स्वयं कराएं और न ही किसी और को कराने दें, यह हम सब की जिम्मेदारी है। शिविर में होटल एवं दुकानों के भ्रमण के दौरान श्रम विभाग के प्रभारी अधिकारी एस.आर. प्रजापति द्वारा श्रम कानूनों के संबंध में जानकारी देते हुए बालकों 14 वर्ष से कम आयु के बालकों से कार्य न कराने की समझाईश दी।
उक्त शिविर में न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नमिता बौरासी, श्रम विभाग के प्रभारी अधिकारी एस.आर. प्रजापति, विदिशा सोसर वेलफेयर ऑर्गनाईजेशन संस्था के कर्मचारी सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शाजापुर के कर्मचारी, पैरालीगल वॉलेंटियर्स एवं श्रम विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।