मुरैना। जिले के सबलगढ़ एक साल पहले सबलगढ़ से सटे टोंगा तालाब की दीवार टूट गई। जिससे कई गांवों में पानी भर गया था। एक साल बाद भी इस दीवार को ठीक नहीं कराया जा सका है। जिस पर रात में हुई तेज बारिश की वजह से इस टूटी दीवार से तेजी से पानी निकला और कई गांवों में जाकर भर गया। जिस पर रविवार को प्रशासन के अधिकारियों ने जेसीबी से चंबल नहर की एक दीवार को तुड़वाया। जिससे पानी इस नहर की ओर मुड़ गया। इस बीच कई गांवों में जलभराव की स्थिति बन गई। अधिकारियों की मुताबिक सोमवार सुबह तक पूरा पानी नहर के जरिए बाहर निकल जाएगा
जानकारी के अनुसार बता दे कि टोंगा गांव में 134 साल पुराना तालाब है जिसकी दीवार टूटने के बाद जलसंसाधन विभाग ने इसे ठीक नहीं कराया है। अब यह तालाब बाढ़ की वजह बनता जा रहा है। इस साल भारी बारिश की वह से इस तालाल का पानी टूटी दीवार से निकलकर कई गांवों में पहुंच जाता है। शनिवार की रात हुई बारिश की वजह से इसके कैचमेंट एरिया में आने वाले बुद्धपुरा, रानीपुरा, सबलगढ़ की गौड़ कालोनी तक आ गया। ग्रामीणों ने प्रशासन के अधिकारियों से गुहार लगाई जिस पर कलेक्टर अंकित अस्थाना ने डिप्टी कलेक्टर वीरेंद्र कटारे को मौके पर जाकर हालों को देखने के लिए निर्देशित किया जिस पर डिप्टी कलेक्टर कटारे ने जलसंसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री दिनेश रत्नाकर को बुलाया। इसके बाद इस बाढ़ के हालातों से निपटने के लिए चंबल नहर की दीवार को बैहक मशीन से तुड़वाने का काम किया इस दीवार को टूटते ही जो पानी गांव की ओर जा रहा था, वह चंबल नह में गिरना शुरू हो गया। जो तेजी अब है। नहर के रास्ते निकाला जा रह पूर्व में भी डिप्टी कलेक्टर वीरेंक कटारे ने एसडीएम रहते इस नहर को दीवार को तोड़कर ही पानी को निकवाया था। तब लोगों की जान बच सकी थी।