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August 29, 2025, 5:09 pm
BIG NEWS : गांधीसागर बांध क्षेत्र में तबाही!, भारी बारिश के बाद बने ऐसे हालात, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएम) की टीम पहुंची मौके पर, 50 लोगों को सुरक्षित निकाला बाहर, पढ़े अजय सिंह सिसौदिया के साथ शेख ईसाक की खबर

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मंदसौर/नीमच/रावतभाटा। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएम) की देखरेख में आज शुक्रवार 29 अगस्त को गांधीसागर और रावतभाटा साइट पर व्यापक रेडियोलॉजिकल इमरजेंसी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस ड्रिल में रावतभाटा परमाणु ऊर्जा संयंत्र से संभावित रेडिएशन आपदा की स्थिति में बचाव और सुरक्षा उपायों का अभ्यास कराया गया।

22 गांवों को शामिल किया-
ड्रिल के तहत रिएक्टर के नजदीकी थमलाव गांव से 50 लोगों को प्रतीकात्मक रूप से सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। इसके लिए रामगंजमंडी में शेल्टर होम बनाया गया। कुल 22 गांव इस अभ्यास में शामिल किए गए। लोगों को समझाया गया कि ऐसी आपदा की स्थिति में अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल अधिकृत सूचना का पालन करें।

बांध टूटने से विकराल बाढ़ और रेडिएशन रिसाव-
ड्रिल में यह परिकल्पना की गई कि मध्य प्रदेश में लगातार तीन दिन से भारी बारिश के कारण गांधीसागर बांध टूट जाता है, जिससे रावतभाटा क्षेत्र में विनाशकारी बाढ़ आ जाती है। इस बाढ़ से राजस्थान स्थित परमाणु रिएक्टर डूब जाते हैं और सुरक्षा प्रबंध विफल होने से रेडिएशन फैलने लगता है। इस काल्पनिक परिदृश्य के आधार पर बचाव कार्य, निकासी और सुरक्षा उपायों का पूर्वाभ्यास किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक मॉक ड्रिल (आपदा प्रबंधन अभ्यास) था और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।

सुरक्षा मार्गों और चेकिंग प्वाइंट का निरीक्षण-
संभावित रेडिएशन से बचाव के तौर पर रावतभाटा, रामपुरा और भानपुरा सड़क मार्गों का निरीक्षण कर लोगों के ठहराव स्थलों और चेकिंग प्वाइंट्स की समीक्षा की गई। अभ्यास से पहले रावतभाटा स्थित न्यू कम्यूनिटी सेंटर में टेबल टॉक सेशन भी आयोजित किया गया, जिसमें आपदा की स्थिति में उठाए जाने वाले कदमों की समीक्षा की गई।

अधिकारियों की मौजूदगी-
अभ्यास में एसडीएम गरोठ राहुल चौहान, तहसीलदार विनोद शर्मा, पीएचई एसडीओ प्रशांत सोनी, एसडीआरएफ जिला अधिकारी वीरेन्द्र सिंह जादौन, थाना प्रभारी तरुणा भारद्वाज, सरपंच मनीष परिहार सहित स्वास्थ्य विभाग, खाद्य विभाग और नगर सैनिकों की टीम मौजूद रही।

सुरक्षा के 60 साल, अभ्यास से जागरूकता-
अधिकारियों ने बताया कि पिछले 60 वर्षों में रावतभाटा संयंत्र से किसी तरह का खतरा नहीं हुआ है। यह अभ्यास केवल सुरक्षा तैयारियों को परखने और लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से किया गया है। प्रचार सामग्री के जरिए लोगों को यह जानकारी दी गई कि वास्तविक आपदा की स्थिति में क्या करें और क्या न करें। मॉक ड्रिल की समीक्षा रिपोर्ट तैयार कर प्रधानमंत्री कार्यालय भेजी जाएगी।

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