BREAKING NEWS
KHABAR : महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल, लघु.. <<     KHABAR : दतिया बस स्टैंड पर कचरे का अंबार,.. <<     SHOK SAMACHAR : नहीं रही तरूण साहनी, परिवार में शोक की.. <<     KHABAR : जावरा में कंकाल लेकर धरने पर बैठे हिंदू.. <<     GOLD & SILVER RATE : यहां क्लिक करेंगे तो जानेंगे प्रदेश.. <<     HOROSCOPE TODAY : कर्क राशि को मिलेगा आर्थिक लाभ, तुला के.. <<     KHABAR : देश का मान बढ़ाएंगे, हर घर तिरंगा लहराएंगे,.. <<     NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     KHABAR : हरियाली अमावस्या पर निकली भगवान श्री.. <<     KHABAR : हरियाली अमावस्या पर सुखानंद धाम में उमड़ा.. <<     BIG NEWS : पेट्रोल पंप लूट से पहले पुलिस का बड़ा.. <<     BIG REPORT : चार माह से खुदी पड़ी सीसी रोड,.. <<     KHABAR : जाजू कॉलेज में आज लगेगा विशाल स्वास्थ्य.. <<     KHABAR : हजरत नसरुल्लाह खां सैलानी बाबा का 13वां.. <<     REPORT : पंख अभियान में बालिकाओं के सशक्तिकरण पर.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
August 29, 2025, 7:50 pm
REPORT : सोयाबीन फसल में पीला मोज़ेक वायरस प्रबंधन के लिए किसानों को कृषि वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों की महत्‍वपुर्ण सलाह, पढ़े रवि पोरवाल की खबर

Share On:-

मंदसौर। किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास विभाग उप संचालक द्वारा बताया गया कि वर्तमान में मंदसौर जिले में किसानों की प्रमुख समस्या सोयाबीन फसल में फैलने वाला पीला मोज़ेक वायरस ) Yellow Mosaic Virus) है, जो उत्पादन को गम्भीर रूप से प्रभावित करता है। कृषि वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों ने इसके प्रभावी प्रबंधन हेतु  तात्कालिक एवं दीर्घकालिक उपाय सुझाए हैं।

तात्कालिक उपाय-
सफेद मक्खी की आबादी पर नियमित निगरानी रखें और नियंत्रण हेतु अनुशंसित आईपीएम उपाय अपनाएँ। फसल की प्रारंभिक अवस्था में सफेद मक्खी पकड़ने हेतु पीले चिपचिपे जाल (येलो स्ट्रिपि ट्रैप) 20-25 जालहेक्टेयर का प्रयोग करें। खड़ी फसल में सफ़ेद मक्खी के प्रबंधन के लिये जैसे ही लक्ष्यण दिखाई दे फसल पर एसिटामिप्रिड 25% + बिफेनथ्रिन 25% WG @ 250gm/ 500 लीटर पानी या थियामेथोक्सम 25% WG @ 150 gm/ 500 लीटर पानी या इमिडाक्लोप्रिड 17.8% SL @ 125 ml/ 500 लीटर पानी में मिलाकर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करें। संक्रमित पौधों की पहचान कर उन्हें खेत से हटा दें व नष्ट करे, ताकि रोग का प्रसार न हो। खड़ी फसल के दौरान खेत में पानी जमा न होने दें।

दीर्घकालिक उपाय-
अनुशंसित बुवाई समय का पालन करें। प्रतिरोधक/सहनशील किस्मों का उपयोग करें। रोगमुक्त बीजों का उपयोग कर फसल चक्र एवं अंतरफसल प्रबंधन -अपनाएँ। बुवाई से पहले बीज उपचार अवश्य करें थायोमेथोक्साम : 30% Ws या थायोमेथोक्साम 30% FS @ 6 मिकिग्रा बीज।/.ली. । अनुशंसित बीज दर, दूरी एवं उर्वरक का प्रयोग करें। आसनष्ट कर दिया जाना चाहिए / पास के क्षेत्र में खरपतवारो को हटा-क्योकि ऑफ सीजन में वायरस उनमे जीवित रहता है। फसल की कटाई के बाद खेत से संक्रमितपीड़ित पौधो को हटाना और /नष्ट करना सुनिश्चित करे।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE