मुरैना। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नागेंद्र तिवारी के घर बुधवार की रात हुई फायरिंग की घटना को लेकर शुक्रवार शाम भाजपा नेताओं की बैठक हुई। बैठक में जिले की बिगड़ती कानून व्यवस्था और पुलिस प्रशासन के रवैये पर नेताओं ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया।
बैठक में महापौर शारदा सोलंकी, पूर्व विधायक रघुराज कंषाना, भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिलामंत्री रवि कुशवाह सहित कई नेताओं ने खुलकर कहा कि कांग्रेस शासन में अधिकारी-कर्मचारी गलत कदम उठाने से पहले जनप्रतिनिधियों से डरते थे, लेकिन अब अधिकारी निरंकुश हो गए हैं।
महापौर शारदा सोलंकी ने कहा कि “शहर में महिलाएं और बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं। हालात ऐसे हैं कि महिलाएं अकेले निकलने से डरती हैं। एसपी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना भी बेकार है।”
वहीं, पूर्व विधायक रघुराज कंषाना ने आरोप लगाया कि कार्यकर्ता चोरी और हमलों का शिकार हो रहे हैं, लेकिन पुलिस सुनवाई तक नहीं करती। उन्होंने यह भी कहा कि बैरियर और यातायात थानों के सामने दिनभर जाम रहता है, जबकि पुलिस केवल वसूली में लगी है।
रवि कुशवाह ने आरोप लगाया कि बालाघाट से आए एसपी को मुरैना के लोग नक्सली जैसे लगते हैं, इसलिए वे दफ्तर से बाहर ही नहीं निकलते। उन्होंने कहा कि थानों में खुलेआम वसूली हो रही है और बिना पैसों के एफआईआर दर्ज नहीं होती। समाजसेवी दिनेश डण्डौतिया ने कहा कि “दिनदहाड़े फायरिंग हो रही है, मुरैना अपराध के मामले में बिहार बनता जा रहा है।”
युवा मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष अरविंद भदौरिया ने पुलिस की नाकामी पर सवाल उठाते हुए कहा कि दो दिन बीतने के बाद भी पुलिस हमलावरों की पहचान नहीं कर पाई, तो आम जनता की सुरक्षा की कल्पना की जा सकती है।
बैठक में कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, हालांकि जिलाध्यक्ष कमलेश कुशवाह और भाजयुमो अध्यक्ष सोनू परमार की गैरमौजूदगी को लेकर चर्चाएं भी तेज रहीं।
प्रतिनिधि मंडल मिलेगा मुख्यमंत्री से
बैठक में तय किया गया कि 31 अगस्त को अंबाह-पोरसा क्षेत्र के दौरे पर आ रहे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भाजपा नेताओं का प्रतिनिधि मंडल मिलेगा। यह मंडल मुख्यमंत्री के सामने जिले की कानून व्यवस्था, खुलेआम हो रही फायरिंग, बढ़ते अपराध और एसपी समीर सौरभ की कार्यप्रणाली को लेकर तथ्य रखेगा और शासन स्तर से उचित कार्रवाई की मांग करेगा।