मंदसौर। मंदसौर एग्रो इंडस्ट्री प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड की पंचम वार्षिक किसान सभा अखिलानंद सरस्वती ग्रामीण गौशाला, दलोदा में बड़े उत्साह के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर कलेक्टर अदिति गर्ग विशेष रूप से उपस्थित रही। इस दौरान कृषि वैज्ञानिक डॉ जीएस चुंडावत, योगेंद्र सैनी (नाबार्ड), संजय पांड्या, नागेंद्र कुमार शुक्ला, एमपी एग्रो के सीईओ राकेश पाटीदार, समरथ धाकड़ सहित मंदसौर एग्रो के सभी डायरेक्टर, किसान मौजूद थे।
सभा को संबोधित करते हुए कलेक्टर गर्ग ने कहा कि आधुनिक खेती के तरीके राष्ट्र के विकास और विकसित भारत के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। किसानों को आधुनिक यंत्रों और तकनीक का उपयोग करते हुए खेती में नवाचार को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि परंपरागत खेती छोड़कर वैज्ञानिक एवं आधुनिक पद्धतियों को अपनाने से उत्पादन और आय में वृद्धि संभव है।
कलेक्टर ने बताया कि नरवाई (फसल अवशेष) को खेतों में न जलाएं, इससे भूमि के पोषक तत्व नष्ट होते हैं और उत्पादन प्रभावित होता है। अलसी के डंठल से रेशा निर्माण के लिए स्थानीय स्तर पर नाहरु भाई के माध्यम से मशीन विकसित की जा रही है, जिससे किसानों को नया विकल्प मिलेगा। किसानों को इंजीनियरिंग और तकनीकी विशेषज्ञों से जुड़कर खेती में नवाचार अपनाना चाहिए।
जैविक खेती को बढ़ावा-
कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन द्वारा जैविक उत्पादों की विक्रय हेतु विशेष केंद्र स्थापित किए जाएंगे। उत्पादों की बिक्री एवं विपणन की जिम्मेदारी मंडी व्यवस्था के माध्यम से प्रशासन ही करेगा। किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अरंडी के बीज खेत की मेड़ों पर लगाए जाएं, इसकी व्यवस्था प्रशासन करेगा और उपज को प्रशासन ही खरीदेगा। अरंडी से औषधियों के निर्माण हेतु मंदसौर में उद्योग भी स्थापित होंगे। यदि स्थानीय स्तर पर विपणन न हो सके तो बीज को इंदौर भेजने की व्यवस्था रहेगी। किसानों को उद्यानिकी फसलों की ओर बढ़ना चाहिए, क्योंकि पारंपरिक फसल की तुलना में उद्यानिकी फसल से 12 गुना तक अधिक आय प्राप्त होती है।
फसल बीमा के संबंध में किसान धैर्य रखे चिंता की आवश्यकता नहीं-
कलेक्टर ने कहा कि जिले में सोयाबीन फसल में पीला मोजेक रोग के संबंध में सर्वे कार्य चल रहा है। किसानों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही जिन किसानों को फसल बीमा की राशि नहीं मिली है, उनके लिए कार्ययोजना एवं समितियाँ बनाई गई हैं। तहसील स्तर पर जांच चल रही है और यदि कोई त्रुटि पाई जाती है तो उसे दूर किया जाएगा। सभी किसान धैर्य रखें। आधुनिक खेती अपनाएं और नवाचार के साथ नए कीर्तिमान स्थापित करें। प्रशासन हर कदम पर किसानों के साथ खड़ा है।