मनासा। मध्य प्रदेश भारत पेंशनर समाज के बैनर तले पेंशनर क्रांति मोर्चा के आह्वान पर तहसील शाखा मनासा ने आज कारगिल चौराहा, नीमच नाका पर चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत की। आंदोलन की शुरुआत ढोल-नगाड़ों और शंख बजाकर की गई, जिसे पेंशनरों ने "शंखनाद" नाम दिया।
इस अवसर पर तहसील अध्यक्ष एवं प्रांतीय सचिव देवीलाल शर्मा ने कहा कि पेंशनरों की माँगों को तत्काल पूरा किया जाए। उनकी प्रमुख माँगें- मध्य प्रदेश–छत्तीसगढ़ पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49(6) हटाई जाए। 1 जनवरी 2025 से 2% महंगाई राहत की घोषणा की जाए। जिला अध्यक्ष जे.सी. गुजेटिया ने धारा 49(6) को अनुचित ठहराते हुए चेतावनी दी कि यदि माँगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और उग्र होगा।
वरिष्ठ संरक्षक व साहित्यकार डॉ. पूरन सहगल ने कहा कि यदि शासन ने माँगें स्वीकार नहीं कीं तो अगला चरण राजधानी भोपाल में सत्याग्रह और जेल भरो आंदोलन होगा। उपाध्यक्ष बाबूलाल रावत ने भी शासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पेंशनर शामिल हुए, जिनमें हरिनारायण नंदवाना, कैलाशचंद्र कुमावत, एम.एल. मकवाना, अमृतराम मालवीय, रमेशचंद्र व्यास, शिवप्रसाद नागदा, कैलाश कारपेंटर, जगदीशचंद्र जोशी, सलीम पठान, विश्वनाथ कनावर, घीसालाल मालवीय, जुगलकिशोर नागोरा, रामप्रसाद गेहलोद, महेश तुनावत, एम.एल. पुरोहित, बी.एल. जोनवाल, शिवनारायण कछावा और मंजू कुशवाह प्रमुख रहे। कार्यक्रम का समापन देवीलाल शर्मा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।