चीताखेड़ा। पीला सोना कहे जाने वाली खरीफ सीजन की मुख्य सोयाबीन की फसल अल्प एवं अतिवृष्टि तथा पीला मोजेक वायरस की चपेट में आ जाने से सुख चुकी फसलों के लिए अब ये बारिश तथा दवाईयों का छिडकाव बेअसर कारक है। 90 वर्षीय बुजुर्ग को चवनप्राश खिलाने के समान है। हालत यह है कि अंचल में जो खरीफ की फैसले सूखकर नष्ट हो गई है उन पर किसानों ने रोटावेटर चलाना शुरु कर दिया है।
ज्ञापन में बताया गया कि गतवर्ष भी फसलों में भारी नुक़सान हुआ था जिसका बीमा और मुआवजा आज तक नहीं मिला और वर्तमान में भी हुए नुकसान का सर्वेतक नहीं किया गया। अफलन व पीला मोजेक वायरस से किसानों के खेतों में खड़ी खरीफ सीजन की मुख्य फसलें सोयाबीन, मक्का,उड़द, मूंगफली, मूंग और तिल आदि फैसले सूखकर दम तोड़ चुकी है। अतिवृष्टि व पीला मोजेक वायरस होने से फसले नष्ट हो जाने से किसानों का दिन का चौन और रात की नींद हराम हो गई है। किसान फसलों को हाथों में लेकर जिला मुख्यालय पर सर्वे को लेकर बीमा तथा मुआवजा राशि के लिए प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। आने वाले समय में हालात और बिगाड़ सकते हैं। प्रकृति पर किसी का बस नहीं है लेकिन सरकार को यह भी देखना होगा कि हमारे किसानों को प्रकृति की कम मेहरबानी की सूरत में वैकल्पिक स्रोत किस तरह मिल सकते है। वैसे शासन प्रशासन की ओर से अभी तक फसलों में हुए नुकसान का सर्वे तक नहीं शुरू किया गया। जीरन तहसील के चीताखेडा , हरनावदा, अमावली जागीर,राबडिया,सोनियाना,घसुण्डी जागीर, दलपतपुरा,महूडिया ,बमोरा, कराड़िया महाराज पंचायत पटवारी मोज़ा हल्का नंबर के गांव-गांव से बड़ी संख्या में किसानों ने जिला कलेक्टर के नाम फसलों में हुए नुकसान की भरपाई के रूप में बिना सर्वे किए शीघ्र बीमा राशि और मुआवजा राशि प्रदान किए जाने को लेकर मंगलवार को किसानों ने हाथों में पीला मोजेक वायरस से नष्ट हुई फसलें लहराते हुए नारेबाजी करते हुए जिला कलेक्टर मुख्यालय पहुंच कर जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन का वाचन मनसुख जैन ने किया। रामसिंह जाट, दिनेश गुर्जर, जगदीश पाटीदार, दशरथ पाटीदार,अजीज शेख, बलवीर जाट, गोपाल गुर्जर,दिलीप टेलर, शांतिलाल माली, मन्नालाल माली,राधेश्याम माली, अशोक सोलंकी, मोहनलाल जाट,मांगीलाल जावरिया, कन्हैयालाल पाटीदार, छगनलाल माली, जमनालाल रावत, नरेंद्र सिंह तोमर सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।