जावद। जावद-सिंगोली क्षेत्र में दस दिवसीय गणेशोत्सव का समापन रविवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ। बारिश के अलर्ट और चंद्रग्रहण की आशंका के बावजूद भक्तों का उत्साह चरम पर रहा।
नगर परिषद और प्रशासन ने वार्ड क्रमांक 6 स्थित देवतलाई को मुख्य विसर्जन स्थल बनाया। ब्राह्मणी नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण अधिकांश मूर्तियों का विसर्जन यहीं कराया गया, जबकि कुछ श्रद्धालु प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए राजस्थान की नदियों तक भी गए।
सिंगोली में माधोविलास, बजरंग व्यायाम शाला, किलेश्वर बालाजी सहित विभिन्न स्थानों पर गणेशोत्सव धूमधाम से मनाया गया। शोभायात्राएं बापू बाजार, महाराणा प्रताप सर्कल और नया बस स्टैंड मार्ग से निकलीं। इस दौरान भक्तों ने ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों के साथ डीजे और ढोल-नगाड़ों की थाप पर नृत्य कर बप्पा को विदाई दी।
जावद नगर में शीतला माता गरबा मंडल द्वारा ड्रेस कोड के साथ गरबा कार्यक्रम आयोजित किया गया। अठाना दरवाजा स्थित बड़ा गणपति मंदिर, खोर दरवाजा और रामपुरा दरवाजा सहित कई स्थानों पर प्रतिमाओं का पारंपरिक विधि से विसर्जन हुआ।
विसर्जन से पूर्व सभी स्थानों पर विधिवत पूजा-अर्चना, हवन और आरती की गई। कार्यक्रम के दौरान प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारी लगातार मौजूद रहे। महिलाएं, पुरुष और बच्चे बड़ी संख्या में शोभायात्रा में शामिल हुए और भक्ति व उत्साह से गणपति बप्पा को भावभीनी विदाई दी।