खोज किये थे मात सिया की
मन को धीरज दिला गए थे
राम काज तो सफल किये ही
लंका साथ में जला गये थे
मसक रूप धर लंका में
तार दिया था लंकिनी को
सजल हुए थे कपि के नयना
देख जनक की नंदिनी को
कपि स्वभाव के कारण ही
विटप तरु को हिला गये थे
राम काज तो सफल किये ही
लंका साथ में जला गये थे
अक्षय का संहार किया था
अति असुर को मार दिया था
ब्रह्मास्त्र की पुल से कपि को
इंद्रजीत ने बांध लिया था
बीच सभा में कपि रावण को
कमजोरी उनकी खला गये थे
राम काज तो सफल किये ही
लंका साथ में जला गये थे
-सेजल वैश्य