नीमच। मालवा प्रगतिशील किसान समूह द्वारा नीमच के झांझरवाड़ा स्थित गीत रिसॉर्ट में आयोजित किसान संगोष्ठी में बाबजी नेटवर्क के मैनेजिंग डायरेक्टर और वरिष्ठ पत्रकार मुस्तफा हुसैन ने किसानों की दयनीय स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह देश किसानों का देश है, लेकिन सबसे ज्यादा दुखी और पीड़ित यहां पर किसान है। मुस्तफा हुसैन ने किसानों को संगठित होने की सलाह दी, ताकि वे सरकार से अपनी मांगों को मनवा सकें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसान जाति और पार्टी में बंटे हुए हैं, जिससे उनकी आवाज कमजोर हो जाती है। उन्होंने किसानों के साथ हो रहे आर्थिक अन्याय पर भ कहा कि जब किसान की फसल बाड़े में होती है तब उसका भाव रसातल में चला जाता है, लेकिन जब वही फसल बाजार में जाती है तो उसका भाव आसमान छू जाता है। मुस्तफा हुसैन ने इस मुनाफाखोरी के पीछे काम कर रहे श्रैकेटश् का पता लगाने की बात कही और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की वकालत की। उन्होंने गांव में बुनियादी ढांचे की कमी और खेती के लिए जमीन न मिलने जैसी समस्याओं पर भी सवाल उठाए। मुस्तफा हुसैन ने किसानों को अपने मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करने का सुझाव दिया।
संगोष्ठी में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. सीपी पचौरी, डॉ. पीएस नरूका और श्याम सिंह सारंग देवत ने किसानों को आने वाली रबी फसलों के उत्पादन पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने अफीम, लहसुन और प्याज जैसी प्रमुख फसलों की उत्पादन तकनीक, पोषण प्रबंधन, मार्केटिंग और प्लांट प्रोटेक्शन के बारे में विस्तृत मार्गदर्शन दिया। इस आयोजन में मालवा क्षेत्र के कई अग्रणी किसानों ने भाग लिया, जिन्होंने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी समस्याओं का समाधान पूछा। कार्यक्रम का संचालन जूजर अली बोहरा ने किया और चंपालाल गुर्जर ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान किसानों के बीच एक क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।